वर्तमान समय में इंसानो या किसी भी Object को Space में जाने के लिए विशालकाय Rockets का इस्तेमाल किया जाता है | ये Rockets बेहद ही वजनी होते है जिनमे कई टन ईंधन मौजूद होता है जो की अपने कुल वजन की तुलना में बेहद ही कम Payload – Space में पंहुचा पाते है | सीधी भासा में कहा जाए तो वर्तमान समय में मौजूद यह Transortation बेहद ही Insufficient और महंगा है
मौजूदा समय में मौजूद techniques और उनमे कमिया | Current method of space transport and their drawbacks
जिसमे बेहद ही ज्यादा मात्रा में Resources और ईंधन की जरुरत पड़ती है | पर अगर हमें भविस्य में हमारे सौरमंडल के दूसरे ग्रहो पर Space Colonies बनानी है या दूसरे ग्रहो का अध्यन करना है तो हमें कुछ ऐसे तरीको पर काम करना पड़ेगा जिसकी मदद से हम बेहद ही कम समय और Resources का उपयोग करते है भारी से भारी Payload को धरती के Orbit तक पंहुचा सके |
कुछ Engineers का मानना है की भविस्य में Rockets का एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प Space Elevators हो सकते है | ये Space Elevators कई तरह के Objects को धरती से Surface से Space तक ले जाने का काम करेगा | पर ये धरती पर मौजूद Elevators की तरह नहीं होंगे, आप इन्हे काफी हद तक Railroads की तरह मान सकते है |
कैसे होंगे Space Elevators और उनके फायदे | Space Elevators and their benifits
Space Elevators मुख्या रूप से विशालकाय tether cables होंगे जो की जमीन से सुरु होकर आकाश में करीब 35000 किलोमीटर की ऊंचाई में मौजूद Space Station तक जाएंगे जो की धरती के Surface को Space Station से जोड़ने का काम करेंगे | वही कुछ Plans के अनुसार इसे करीब 100000 किलोमीटर की ऊंचाई तक भी ले जाने की योजना है |
हमारे धरती के Spin की वजह से बना Centrifugal Force इस Space Elevator को सीधा रखेगा | इस Space Elevator में सफर करने वाले Climbers इस Tether Cable के जरिये भारी सामानो और लोंगो को ऊपर ले जाने और नीचे लाने का काम करेगा |
Reduced Cost
Traditional Rockets के उपेक्षा Space Elevators के ढेर सारे फायदे मौजूद है जिसमे सबसे पहला फायदा है Reduced Cost . वर्तमान समय में Tradional Rockets की मदद से एक Pound जितने Mass को Space में ले जाने में करीब 10000 Dollar का खर्च आता है वही Space Elevators की मदद से हम 100 Dollar से भी कम खर्च में इसे Space में भेज सकते है |
Much Safer option
साथ ही अगर हम भविस्य में Space Elevators बनाने में कामयाब हो जाते है तो ये Rockets के उपेक्षा कही ज्यादा Safe होंगे साथ ही इसमें सफर करने वाले Astronauts को कम G Force का सामना करना पड़ेगा | वही Tradional Rockets का उपयोग करते हुए हम एक समय में बेहद ही कम Mass धरती से Space में ले जा सकते है वही इन Space Elevators का उपयोग करते हुए हम बेहद ही ज्यादा Cargo और सामान एक समय में Space में ले जा सकते है |
कहा से आया Space Elevator का Concept | Origin of Space Elevator Concept
Space Elevators का Concept सबसे पहले Soviet Rocket Scientist – Konstantin Tsiolkovsky ने 1895 में दिया था | Goddard , Oberth के साथ साथ Tsiolkovsky को Rocket Science का God Father माना जाता है | Tsiolkovsky का असल प्रस्ताव एक ऐसे विशालकाय Tower का निर्माण करना था जिसकी ऊंचाई इतनी अधिक होगी की यह Outer Space को छुएगी |
हमारा Modern Space Elevator का Idea असल में एक दूसरे Russian Scientist – Yuti Artsutanov के जरिये आया था जिन्होंने 1959 में एक ऐसे Tensile Structure की कल्पना की थी जो अपने को स्थिर रखने के लिए धरती के Centrifugal Force का उपयोग करेगा |
Technical Challenges in Space Elevator Concept
पर इस तरह के किसी विशालकाय Structure को बनाने में कई तरह की समस्याएं भी मौजूद है जिसमे सबसे पहला इसे बनाने में लगने वाला बेहद ही ज्यादा खर्च | साथ ही इतने लम्बे और विशालकाय Tether को बनाने के लिए हमें एक ऐसे Material का उपयोग करना होगा जो की मजबूत भी हो और साथ ही बेहद ही Light Weight भी हो |
ऐसे में वैज्ञानिक Carbon Nanotubes को पहले विकल्प की तरह देखते है, पर इसके साथ ही वैज्ञानिको के पास कुछ और भी विकल्प मौजूद है जिसमे Silicon Carbide , Silicon Nitride और Silica Nanowires प्रमुख है |
Space Elevator Structure
Space Elevators में मुख्या रूप से 6 अलग अलग Sections मौजूद होंगे जो की है Ground Station , Tether Cable , Counterweight , Space Station , Climbers और Climbers Power Source . Counterweight को Tether Cable के सबसे ऊपरी भाग में लगाया जाएगा , वही Space Station को Tether Cable में ऐसे जगह में लगाया जाएगा जहा इसके ऊपर मौजूद Mass और इसके नीचे मौजूद Mass समान होगा |
वही Climbers को Tether में ऊपर ले जाने के लिए जरुरी Power Source के लिए Lasers और Solar Cell के Combination का उपयोग किया जाएगा | साथ ही Tether Cable हमारे Surface को ऊपर मौजूद Space Station से जोड़ने का काम करेगा जिसके निर्माण के लिए Carbon Nanotubes का उपयोग किया जाएगा और इसे Power देने के लिए Fusion Reactor का उपयोग भी किया जा सकता है |
इतने विशालकाय Structure को बनाने में Traditional Rockets की उपेक्षा कम समय लगेगा और साथ ही इसे Working Condition में रखने के लिए कम Staff की जरुरत होगी |

