
दोस्तों International Space Station आज तक इंसानो द्वारा बनाया गया सबसे Complex और विशालकाय Megastructure है | आप इसे आसान भासा में धरती के Low Earth Orbit में मौजूद एक Habitable Artificial Satellite भी कह सकते है | जहा समय समय पर दुनियाभर के Astronauts जाकर कई तरह के Experiments और Research को अंजाम देते है |

International Space Station and Moon – Lunar Gateway
1998 में Launch किये गए इस Megastructure को आज 24 सालो से ज्यादा का समय बीत चूका है जो की काफी पुराना हो चूका है | वैज्ञानिको की योजना 2031 के अंत में इसे धरती से टकराकर Destroy करने की है | ऐसे में वैज्ञानिक हमारे Moon के इर्द गिर्द एक नए Space Station का निर्माण करने की योजना पर काम कर रहे है जिसे Lunar Gateway नाम दिया गया है |
यह न सिर्फ 2024 में प्रस्तावित Artemis Moon Mission में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है पर साथ ही इसे भविस्य में प्रस्तावित Mars Mission और Moon Minning जैसे महत्वाकांक्षी Projects के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है | पर आखिर यह Project क्या है , इसपर काम कब शुरू होगा और कैसे यह भविस्य के मिशनों में एक ख़ास भूमिका निभा सकता है यह सब जानेंगे हम आज के इस Article में |

International Space Station History
वर्तमान समय में ISS को Space में करीब 24 सालो से ज्यादा का समय बीत चूका है ऐसे में समय समय पर इसमें कई तरह की तकनिकी खामियों की बात सामने आती रहती है | ऐसे में यह साफ़ हो चूका था की यह Space Station अब अपने जीवन के अंतिम दौर पर पहुंच चूका है |
ऐसे में अमेरिकी Space Agency NASA ने आखिरकार ISS को ख़त्म करने का प्रस्ताव दुनियाभर के सामने रखा है | हाल ही में जारी किये गए बयान में NASA का कहना है की वह International Space Station के Operating Lifetime को 2024 से 2030 तक आगे बढ़ाया जा रहा है और फिर इसे 2031 अंत तक Ocean से टकराकर Destroy कर दिया जाएगा |
ऐसे में ISS के बाद वैज्ञानिको ने Moon के Orbit में एक नया Docking Station बनाने का प्रस्ताव दुनियाभर के सामने रखा जिसे Lunar Gateway नाम दिया गया है | Lunar Gateway को आप Moon के Orbit में प्रस्तावित एक Space Station के तौर पर मान सकते है जो की भविस्य में Moon Missions , Mars Missions और दूसरे Deep Space Missions के लिए एक Gateway की तरह काम कर सकता है | ऐसे में चलिए दोस्तों Lunar Gateway के बारे में विस्तार से चर्चा करते है

Lunar Gateway and Artemis Moon Mission
NASA काफी लम्बे समय से Moon के Orbit में अपना एक Space Station बनाना चाहती थी | इसके बारे में सबसे पहले 2010 और 2012 में NASA द्वारा कई Reports को Publish किया गया था | जिसमें इस तरह के Idea को सबसे पहली बार Discuss किया गया था जिसके अनुसार भविष्य में Moon के Orbit में एक Space Station बनाये जाने की योजना थी |
लेकिन 2014 और 2015 मैं नासा के कई बड़े वैज्ञानिको ने इस बात को पक्का किया कि NASA भविष्य में Moon के Orbit में एक Habitat Space Station की दिहा में काम कर रहा है | यह Mission अमेरिकी Space Agency – NASA , European Space Agency – ESA और Canada व Japanese Space Agencies का एक Joint Collaboration हो सकता है | लेकिन इस समय तक भी इस Space Station या फिर इस Mission को लेकर कोई ठोस Plan मौजूद नहीं था |
पर 2017 आते-आते NASA ने अपने इस Space Station और अपने इस पूरे Program को Deep Space Gateway नाम दे दिया | जिसके बाद दुनिया को पहली बार लगा कि NASA इस तरह के किसी Mission को लेकर Serious है | जिसके 1 साल बाद ही 2018 में NASA ने इसका नाम बदलकर Lunar Orbital Platform Gateway कर दिया और साथ ही इस Mission के Launch Date को 2024 तय किया |
जो की NASA के महत्वाकांक्षी Artemis Mission की सफलता में एक महत्वपूर्ण योगदान निभाएगा | पर यह नाम भी ज्यादा समय तक नहीं रहा और 2020 आते तक NASA और दूसरी Space Agencies ने इसके नाम को बदलकर Lunar Gateway Program का नाम दे दिया |
दोस्तों अगर आप Artemis Mission के बारे में नहीं जानते तो मै आपको बता दू की Artemis Mission के जरिये NASA 2024 अंत तक इंसानो को करीब 50 सालो बाद फिर एक बार Moon के Surface पर उतारने की योजना बना रहा है | यह मिशन इस दशक का सबसे खास और महत्वपूर्ण मिशन होने जा रहा है जो की Space Exploration के छेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा | सबसे पहले 2024 की शुरुआत में Artemis 1 Mission को Launch किया जाएगा |
यह एक Unmanned Mission होगा जिसके अंतर्गत Space Capsule चन्द्रमा का चक्कर लगाकार वापिस आएगा | जिसके बाद Artemis 2 Mission को Launch किया जाएगा जो की एक Crewed Mission होगा जिसके अंतर्गत Astronauts Moon के Orbit का चक्कर लगाकार वापिस धरती पर Land करेंगे | जिसके बाद आखिकार Artemis 3 Mission को Launch किया जाएगा | यह एकपूरी तरह Crewed Mission होगा जिसके अन्तर्गत Astronauts Moon के Surface पर Landing करेंगे साथ ही इसके Surface पर कुछ दिनों तक रूककर कई तरह के Researches और Experiments को अंजाम देंगे |

The Science behind the Lunar Gateway Program
NASA द्वारा प्रस्तावित Lunar Gateway एक Multi-Module Space Station होगा जो की पृथ्वी को नहीं बल्कि हमारे Moon को Orbit करेगा | Lunar Gateway पूरी तरह एक Habitable Artificial Satellite होगा जहा Astronauts के जिन्दा रहने के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद होंगी | इस Space Station में वैज्ञानिक आराम से कई महीनो तक रह सकेंगे जिस दौरान वो समय समय पर Moon के Surface पर जाकर अपने Experiments Conduct कर Devices को Test कर सकेंगे | जो की Moon पर एक Permanent Base बनाने में दिशा में काफी महत्वपूर्ण होगा |
NASA की Website की माने तो Lunar Gateway हमारे Moon को एक खास Elliptical Orbit में रहकर इसका चक्कर लगाएगा जो की आज तक किसी भी Spacecraft या Satellite द्वारा प्रयोग नहीं किया गया है | इस Orbit को NASA द्वारा Near Rectilinear Hollow Orbit नाम दिया गया है | इस Orbit में रहते हुए Lunar Gateway चंद्रमा को इस तरह से Orbit करेगा कि यह एक समय में Moon के काफी ज्यादा करीब होगा तो कभी यह Moon से काफी ज्यादा दूरी पर रहकर Orbit करेगा | NASA की माने तो Gateway Space Station और Moon surface के बीच की सबसे कम दूरी मात्रा 3,000 km होंगी |
इसके अलावा अगर इसके आकार की भी बात की जाए तो अभी नासा के मुताबिक यह करीब 4 मीटर लंबा होगा जिसका Mass 4,000 किलोग्राम के करीब होगा | इस Space Station में Astronauts के रुकने और आराम करने की सभी तरह ही Facilities मौजूद होंगी जिसमे एक समय में करीब 4 Crew Members साथ रह सकेंगे | वैसे भी इसके आकार को लेकर कहा जा रहा है कि इसे और भी ज्यादा बढ़ा और भारी बनाया जाएगा क्योंकि इसकेDesign में अभी काफी ज्यादा Changes किये जा रहे है |
दोस्तों हमने देखा कि 2000 से लेकर आज तक कभी भी International Space Station को खाली नहीं छोड़ा गया है | हमेशा वहा कुछ Astronauts रहते हैं लेकिन Lunar Gateway के साथ ऐसा नहीं है Nasa का कहना है कि यह कई बार लंबे समय तक खाली भी रहेगा | क्योंकि Lunar Orbit मे मौजूद इस Space Station तक Astronauts को पहुंचाने का खर्च काफी ज्यादा होगा ऐसे में हर कुछ महीने में Astronauts को यहां भेजना नासा Afford नहीं कर सकता |
और इसके साथ ही 90 दिन से ज्यादा Astronauts को Space Radiation और Low Gravity के कारण Moon के Orbit में रखा नहीं जा सकता | इसीलिए Mission के Complete हो जाने के बाद Lunar Gateway कई महीने तक खाली भी रहेगा और इस दौरान इसके कई Functions को बंद भी कर दिया जाएगा जिनकी जरूरत नहीं है।
वर्तमान समय में Lunar Gateway के लिए दो Experiments को स्वीकृति दे दी गयी है जिसमे पहला है Radiation Monitor जिसे ESA द्वारा बनाया गया है वही दूसरा है Space Weather Instrument Suite | Radiation Monitor का काम Moon के Surface पर पड़ने वाले खतरनाक Radiations का अध्यन करना होगा वही Space Weather Instrument Suite का मकसद हमारे सूर्य के Coronal Mass Ejections के दौरान निकलने वाले Particles का अध्यन करना होगा |

Construction and Modules
दोस्तों जब अंतरिक्ष में Space Station जैसे बड़े Structures को Construct करने की बात आती है तो यह एक Launch में नहीं किया जा सकता | इसीलिए Space Station जैसे बड़े Structures को अलग-अलग Modules में बांटा जाता है और फिर एक-एक करके समय-समय पर पृथ्वी से अंतरिक्ष में Rocket के जरिए इन Modules को Launch किया जाता है और फिर अंतरिक्ष में इन्हें एक साथ जोड़ कर एक बड़े Structure का निर्माण किया जाता है |
पृथ्वी के Orbit में मौजूद International Space Station को भी इसी तरह बनाया गया था | जिसके सबसे पहले Module को 1998 में Launch किया गया था और कई सारे Launches के बाद 2011 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ | यानी ISS जैसे विशालकाय Megastructure को पूरी तरह से बनने में ही करीब 13 सालों का समय लग गया |
इसी तरह अगर Lunar Gateway – Space Station की बात की जाए तो उसके First Module को 2024 में Launch किये जाने की योजना है | पर कई News Reports की मानें तो वर्तमान समय में इस Launch Date को Achieve कर पाना मुश्किल है और इसे आगे टाला जा सकता है | First Module को Launch करने के बाद ISS की तरह ही एक-एक करके Lunar Gateway के दूसरे Modules को धीरे धीरे Launch किया जाएगा |
कई Reports की माने तो इसे 2030 तक या फिर उससे भी पहले Moon के Orbit में Assemble कर लिया जाएगा जिसके शुरुआती Phase में 780 Million Dollars का खर्च आने का अनुमान है | ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा की इसमें कौन से Modules मौजूद होंगे और ये क्या काम कैसे करेगा |

1. Habitation and Logistic output module
दोस्तों यह Lunar Gateway के सबसे Important Module में से एक है क्योंकि यही वह Part होगा जो इस Space Station को इंसानों के रहने लायक बनाएगा | इस Module को बनाने की जिम्मेदारी NASA द्वारा American Company – Northrop Grumman को दी गई | Northrop Grumman के बारे में आपको बता दें कि यह एक Multinational Aerospace and Defense Technology Company है |
इस कंपनी द्वारा Manufactured Cargo Spacecraft Cygnus को NASA और European Space Agency द्वारा आज भी Regular Basis पर International Space Station मे Food and Equipment Supply के लिए प्रयोग किया जाता है और यही कारण है कि NASA को Northrop Grumman पर काफी ज्यादा विश्वास है |
2020 में इस कंपनी द्वारा Lunar Gateway का Habitation and Logistic Module का Design नासा को दिखाया गया जो की नासा को इतना पसंद आया कि इसके बाद Northrop Grumman को इसके Final और Complete Design के लिए 935 Million Dollars का Contract भी दे दिया गया | पूरा हो जाने पर Habitation and Logistic Module को 2024 में Space X के Falcon Heavy Rocket के जरिए Launch किए जाने की बात की जा रही है |
2. Power and Propulsion Module
यह भी Lunar Gateway का एक का काफी Important Module है जो इसे Moon के Orbit में रहने में मदद करेगा और जरूरत के हिसाब से इसे इधर-उधर Move करने की Ability भी देगा | NASA के मुताबिक यह Solar Electric Propulsion पर काम करेगा | भविष्य में Solar Electric Propulsion कई दूसरे Space Travel Rockets में भी प्रयोग किया जा सकता है ऐसे में Lunar Gateway इसके लिए एक अच्छा Practical Experiment साबित हो सकता है।
Power and Propulsion Module को बनाने की जिम्मेदारी नासा द्वारा Maxar Technologies नाम की Company को दी गई है | Maxar Technologies पहले भी कई प्रकार के Satelites को बनाने में NASA की मदद कर चुकी है और इसके द्वारा बनाये गए कई बड़े Satelites पृथ्वी के Orbit में आज भी मौजूद हैं | Maxar ने NASA के System Required Review Module Test को 2019 में ही पास कर लिया था और अब इन्हें Final Propulsion Module बनाने का Contract मिल चुका है।
3. Canadarm3 module
इस Module को आप Lunar Gateway का अपना हाथ भी कह सकते है क्यूंकि Canadarm3 Module एक ऐसा Part होगा जो हम इंसानो के हाथ की तरह काम करेगा | 2019 में ही Canadian Space Agency ने नासा के Lunar Gateway के लिए Next Generation Robotic Arm बनाने की बात कही थी | जो Space Station के Maintenance and Surveillance के लिए प्रयोग में लाया जाएगा जिसे काफी आसानी से Space Station में बैठे Astronauts Control कर सकेंगे |
इससे पहले भी कनाडियन Space Agency नासा के Space Shuttle Program और International Space Station पर Robotic Arm भेज चुका है | पर Lunar Gateway मे प्रयोग किया जाने वाला Canadarm3 Robotic Arm इससे पहले बनाये गए Robotic Arms से काफी ज्यादा Advance होगा | और कई News Reports की मानें तो इसे बनाने में करीब 1.5 Billion Dollars का खर्च आएगा | इसके अलावा भी इस Lunar Gateway Space Station में कई और Modules होने की बात को Confirm किया गया है पर अभी तक इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गयी है |

Cargo Ships Contract
2019 में नासा द्वारा Private Space Companies के लिए एक Contract निकाला गया जो ऐसे कंपनियों के लिए था जिनके पास International Space Station तक Pressurized Cargo और Unpressurized Cargo पहुंचाने की क्षमता वाले Rockets मौजूद हैं |
इसमें कई बड़ी कंपनियां सामने आई लेकिन 2020 आते तक Space X को यह Contract दे दिया गया जिसमें नासा Space X को करीब 7 Billion Dollars देगा और Space X अपने Dragon Xl Cargo Rocket के जरिये 5.5 टन Cargo को Lunar Gateway तक ले जाने का काम करेगा | नासा को Space X पर इसलिए भी विश्वास है क्योंकि Space X का Dragon Spacecraft आज भी International Space Station पर Cargo भेजने के लिए प्रयोग किया जाता है |
Crew Spacecraft Contract
Crew Module एक काफी महत्वपूर्ण Module होता है जो की Astronauts को धरती से Space Station तक ले जाने का काम करता है | इसीलिए NASA ने इस Important Module का काम कुछ सबसे बड़ी Space Rockets Manufacturing कंपनियों में से एक Lockheed Martin को दिया है | ऐसे में NASA ने यह भी Confirm किया है की Lunar Gateway पर पहले Astronauts को Lockheed Martin के Orion Spacecraft द्वारा भेजा जाएगा |
इसके अलावा Orion Spacecraft का उपयोग Artemis Mission में भी प्रयोग किया जाएगा जिसके अंतर्गत करीब 50 सालो बाद फिर एकबार इंसानो को Moon पर भेजने की योजना है | Orion Spacecraft पर नासा द्वारा किए गए कई टेस्ट में वह पहले ही पास हो चुका है साथ ही कुछ समय पहले ही नासा द्वारा Orion Spacecraft पर Exploration Flight Test 1 नाम के Earth Orbiting Mission का टेस्ट किया गया था जिसमे भी Orion Spacecraft ने काफी अच्छा Perform किया | और अब यह तय है कि इसे Lunar Gateway Crew Flight में प्रयोग किया जाएगा |

Why do We Need Lunar Gateway Space Station?
वैसे इस पुरे Video को देखकर आपके मन में यह सवाल तो जरूर आ रहा होगा कि आखिर इतनी ज्यादा लागत में Moon के Orbit में एक नया Space Station क्यों बनाया जा रहा है | जब हमारे पास पहले से ही धरती के Low Earth Orbit में एक International Space Station मौजूद है जो पृथ्वी को Orbit कर रहा है | तो दोस्तों मै आपको बता दू की Lunar Gateway को बनाने के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण मौजूद है जो की यह साबित करते है की Lunar Gateway भविस्य में हम इंसानो के लिए कितना महत्वपूर्ण होने जा रहा है |

1. For NASA Artemis Program
दोस्तों मै आपको बता दूं कि 2024 में NASA करीब 50 सालो बाद एकबार फिर Moon पर Artemis नाम के एक Crewed Mission को भेजने पर विचार कर रही है | इस Mission के अंतर्गत NASA – 3 Astronauts को फिर एकबार Moon के Surface पर भेजने की योजना पर काम कर रही है जिसमे एक Female Astronaut भी शामिल है |
इस Mission के जरिये NASA – Moon पर कई सारे Experiments कर अपनी कई सारी Technologies को Test करेगा ताकि Moon पर एक Permanent Human Base बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके | Astronauts का मुख्य Focus – Moon के Surface में मौजूद Minerals और Resources का अध्यन करना होगा | ताकि वैज्ञानिक भविस्य में इन Resources का उपयोग Moon पर Water, Oxygen, Rocket Fuel और Building Materials बनाने में कर सके | जो की Moon पर इंसानो के लिए एक Self Sufficient – Human Base बनाने की दिशा में काफी बड़ा कदम होगा |
NASA हमारे Moon पर Human Base बनाने पर भी विचार कर रही है जिसमें Astronauts लंबे समय तक रहकर Moon के Surface पर Experiments कर सकेंगे | और इसके लिए NASA ने Moon के Shackleton Crater Region नामक जगह को चुना है क्यूंकि कई Satelites द्वारा किये गए अध्यनो और दूसरे Researches में इस जगह पर काफी ज्यादा मात्रा में पानी और Resources होने का दावा किया गया है |
अब यह सुनने में तो काफी आसान लग रहा है लेकिन Artemis Program एक बेहद ही ज्यादा Complex और कठिन Mission होने वाला है जिसके लिए कई अलग-अलग Projects का सफल होना जरूरी है जो बाद मे Artemis Program में एक Important Role निभाएंगे |
2. Way Station for Lunar Landing
Lunar Gateway जब Moon के Orbit में होगा तो यह इंसानों के लिए एक Way Station या Docking Station की तरह काम करेगा जहां पृथ्वी से भेजे जाने वाले Spacecrafts या Satelllite को कुछ समय के लिए इससे Attach कर Refuel किया जा सकता है |
और सिर्फ Spacecraft या Satellite ही नहीं बल्कि भविष्य में किए जाने वाले Human Mars और Moon Mission में जाने वाले Astronauts के पास Lunar Gateway पर कुछ दिनों के लिए रुकने का Option भी रहेगा | NASA का कहना है कि वह इस Space Statoin को कई दूसरी Space Agencies को भी प्रयोग करने देगी और इसका प्रयोग Private Space Agencies द्वारा भी Moon Exploration में किया जा सकेगा |
3. Important for Future Mars Mission
Nasa के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर Lunar Gateway को सफलतापूर्वक हमारे Moon के Orbit में Launch और फिर Assemble कर लिया जाता है और फिर यह सही तरीके से काम करने लगता है तो इसमें प्रयोग की जाने वाली Solar Electric Propulsion Technology आने वाले Future में प्रस्तावित Mars Mission मे भी उपयोग की जाएगी।
इसके अलावा ज़ब यह Moon के Orbit में रहेगा तो इस दौरान इसके Astronauts पर कई तरह के Test और Experiments किए जाएंगे जो आगे चलकर Space Travel में भी इंसानों को काफी मदद करेंगे। इस दौरान कई Genetic Modified Plants पर भी Test किए जाएंगे ताकि Future में Mars Colonies और Future Space Travel के दौरान Food Plants Grow किए जा सकें।
इसके साथ ही भारतीय Space Agency – ISRO भी अपने खुद के Space Station पर विचार कर रही है | जिसके निर्माण को भारत के Crewed Space Mission – Gaganyaan के Launch के बाद शुरू किया जाएगा | और उम्मीद है की इसे 2030 तक पूरी तरह धरती के Low Earth Orbit में 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जा सकता है | जिसके बाद भारतीय Astronauts इसमें जाकर 20 से 25 दिनों का समय बिता सकते है जिस दौरान वो कई तरह के Experiments और Research को अंजाम दे सकते है |




