
यह तो आप सब जानते हि हैं कि किस प्रकार हमारे वैज्ञानिक ना केवल हमारे सोलर सिस्टम में मौजूद ग्रहों के बारे में गहरे अध्ययन करते हैं, बल्कि अब हमारे वैज्ञानिकों ने हमारे सोलर सिस्टम से बाहर मौजूद भी कुछ ऐसे ग्रहों का पता लगा लिया है जो किसी अन्य स्टार सिस्टम का हिस्सा है और वे हमारे सूर्य का चक्कर नहीं लगाते. और ऐसे ग्रह जो ना तो हमारे सोलर सिस्टम का हिस्सा होते हैं और ना ही हमारे सूर्य का चक्कर लगाते हैं उन सभी ग्रहों को exoplanet कहां जाता है |

Super Earths और जीवन की संभावना
और आपको यह जानकर भी बहुत ही हैरानी होगी कि वैज्ञानिकों का ऐसा भी कहना है कि इनमें से कुछ ग्रह ऐसे भी है जो हमारे धरती की तरह ही रॉकी प्लानेट है, हालांकि वे साइज में धरती से थोड़े बड़े हैं, लेकिन कुछ अनुमानों के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि शायद ऐसे किसी ग्रह पर जीवन पाए जाने के संकेत खोजे जा सकते हैं | और इसलिए ऐसे ग्रहों को super Earths कहकर बुलाया जाता है |
टेलिस्कोप और भविष्य की खोजें
एडवांस्ड टेलिस्कोप का निर्माण
और इसलिए हमारे वैज्ञानिक नई नई एडवांस टेक्नोलॉजी वाले टेलिस्कोप का निर्माण कर रहे हैं ताकि वे ऐसे ग्रहों को और भी गहराई से समझ सके और किसे पता भविष्य में हमारे वैज्ञानिकों को ऐसे ही किसी ग्रह पर एलियन सिविलाइजेशन का पता चल जाए |

Alien Civilization की चर्चा
Rocky and Habitable Planets पर जीवन की संभावना
लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि जब भी एलियन सिविलाइजेशन के बारे में बात आती है, तब ऐसे ही ग्रहों के बारे में चर्चा की जाती है जहां पर जीवन पाए जाने के संकेत खोजे जा सकते हैं, जैसे कि, कोई रॉकी ग्रह या फिर कोई ऐसा प्लेनेट जहां पर suitable living conditions या फिर habitable conditions पाई जाती हो |
बर्फीले ग्रहों पर जीवन के संकेत
लेकिन क्या हो यदि एलियन सिविलाइजेशन असल में किसी बर्फीले ग्रह पर रहते हो, जिसके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं की जाती है |
ऐसा माना जाता है कि बर्फीले ग्रहों पर जीवन के संकेत पाए जाना संभव तो हो सकता है, पर यह काफी ज्यादा मुश्किल भी है | ऐसा इसलिए क्योंकि यदि किसी बर्फीले ग्रह पर जीवन की शुरुआत हो भी जाए तो भी वहां पर जीवन ज्यादा देर टिक नहीं सकता क्योंकि ऐसे ग्रह पर ना तो पोषण के लिए कुछ मिल सकता है और ना ही रहने के लिए सही स्थान |
जिस प्रकार धरती पर रहने वाला कोई भी जीव सूर्य की ऊर्जा के बिना जीवित नहीं रह सकता उसी प्रकार किसी भी ग्रह पर यदि कोई जीवन मौजूद है तब उसे भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है |
तो चलिए शुरुआत करते हैं, और सबसे पहले बात करते हैं एक ऐसे फिजिसिस्ट की जिन्होंने अपनी एक किताब में इन सभी प्रश्नों के उत्तर देने की कोशिश की है कि आखिर क्या हो यदि कोई एलियन सिविलाइजेशन किसी बर्फीले ग्रह पर पाई गई और साथ ही वह कैसी होगी और उनका जीवन एक बर्फीले ग्रह पर कैसा होगा? उन फिजिसिस्ट का नाम है James truffle और उनकी किताब का नाम है imagined life, हालांकि इस किताब में एक planetary scientist का भी काफी बड़ा योगदान है, और उनका नाम है Michael summer |

अलग-अलग ग्रहों पर Alien Civilization की संभावना
इस किताब में इन दोनों वैज्ञानिकों ने इस बारे मे चर्चा की है कि क्या हो यदि अलग-अलग प्रकार के ग्रहों पर alien सिविलाइजेशन मौजूद हो? लेकिन हम आज खास तौर पर चर्चा इसी बात पर करेंगे कि आखिर एलियन सिविलाइजेशन किसी Ice Planet पर कैसी होगी |
इसके लिए हम एक Iceheim नाम के ग्रह को refer करेंगे जो कि हमारे सोलर सिस्टम से काफी दूर किसी अन्य ही स्टार सिस्टम का हिस्सा है | और क्योंकि यह ग्रह अपने स्टार सिस्टम में मौजूद host star से काफी ज्यादा दूरी पर ऑर्बिट करता है इसलिए यह एक बर्फीला ग्रह है, क्योंकि इस तक इसके host star की उर्जा ज्यादा दूरी के कारण पहुंच नहीं पाती |
और साथ ही इस Iceheim नाम के ग्रह की सतह पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई है और काफी बड़ी बड़ी और मोटी मोटी बर्फीली लेयर देखने को मिलती है. और इसलिए इस प्रकार के किसी भी ग्रह पर ऐसा सोचना, की जीवन पाया जा सकता है, यह काफी मुश्किल हो सकता है |

Iceheim में ऊर्जा के संभावित स्रोत
क्योंकि किसी भी तरह के जीवन का अस्तित्व में होने के लिए सबसे पहली आवश्यकता होती है ऊर्जा, यानी कि energy | और इसलिए जब बात एक बर्फीले ग्रह की आती है तब सबसे पहले इसी बात पर ध्यान दिया जाता है कि आखिर इस तरह के ग्रह के लिए energy source क्या रहेगा | क्योंकि यह ग्रह अपने host star से काफी दूरी पर मौजूद है जिसके कारण उसकी उर्जा इस गृह तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए दूसरी possibility यह हो सकती है कि शायद इस ग्रह के अंदर ही कोई energy source मौजूद हो |
ऊर्जा के दो स्रोत
हालांकि किसी भी ग्रह पर ऊर्जा का सबसे अच्छा सोर्स केवल उसका host star ही हो सकता है, लेकिन क्योंकि इस बर्फीले ग्रह पर ना तो कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद है और ना ही किसी और प्रकार की green house effect वाली गैस मौजूद है, जिसके कारण यह ग्रह अपने host star की उर्जा को absorb भी नहीं कर सकता | लेकिन जैसा हमने अभी बताया दूसरा तरीका यह हो सकता है कि, ऐसे ही किसी बर्फीले ग्रह के अंदर, यानी कि उसके core में उसका energy source मौजूद हो, जहां से उस ग्रह की सतह तक heat पहुंचती हो |
हालांकि इसमें भी दो प्रकार के energy sources मौजूद हो सकते हैं | पहला है, वह ऊर्जा जो उस ग्रह के अंदर कैद है. यानी कि जब इस ग्रह की formation की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय की उर्जा यदि इसमें मौजूद हो, तब उसे भी एक energy source माना जा सकता है |

रेडियोएक्टिव एलिमेंट और हीट एनर्जी
और दूसरा है, किसी भी प्रकार का radioactive material जो इस बर्फीले ग्रह के interior मैं मौजूद हो, क्योंकि वह भी इस ग्रह के अंदर हीट एनर्जी को प्रोड्यूस कर सकता है |
यूरेनियम उदाहरण और ऊर्जा की दीर्घकालिकता
इसके अलावा रेडियोएक्टिव एलिमेंट के जरिए मिलने वाली एनर्जी काफी लंबे समय तक चलती है. उदाहरण के लिए आप एक ऐसे ही रेडियोएक्टिव एलिमेंट को ले लीजिए, जैसे कि यूरेनियम. ऐसा कहा जाता है कि half life of Uranium लगभग 4.5 बिलियन सालों के बराबर होती है | इसलिए यदि किसी बर्फीले ग्रह के इंटीरियर में इस प्रकार का कोई भी रेडियोएक्टिव एलिमेंट मौजूद है तब उस ग्रह को उसके अंदर से ही काफी ज्यादा हीट एनर्जी मिल सकती है और वह उस ग्रह के लिए काफी अच्छा एनर्जी सोर्स भी बन सकता है |
हीट सतह तक पहुँचने के तरीके (Hydrothermal vents, geysers)
और साथ ही यह ऊर्जा ऐसे बर्फीले ग्रह के इंटीरियर से उसकी सतह तक hydrothermal vents के जरिए या फिर natural geysers के जरिए भी पहुंच सकती है जैसा कि धरती पर मौजूद समुंदरो में भी देखा जाता है |
बर्फीली लेयर पिघलना और तरल पानी का निर्माण
और आपको यह जानकर बहुत ही हैरानी होगी कि यदि, ऐसा किसी बर्फीले ग्रह पर होता है तो उसके भीतर से निकलने वाली यह हीट एनर्जी उसके अंदर मौजूद बर्फीली लेयर को पिघला सकती हैं, जिससे कि ऐसे ग्रह के भीतर एक bubble of liquid water का निर्माण हो सकता है |

समुद्र से जीवन की शुरुआत
इसके अलावा जिस प्रकार धरती पर मौजूद समुद्रों में यह देखने को मिलता है कि, हाइड्रोथर्मल वेंट्स से कुछ केमिकल्स या फिर केमिकल एलिमेंट भी रिलीज होते हैं और वह केमिकल्स जीवन की शुरुआत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक भी हो सकते हैं, इसलिए यह ना तो केवल एक अच्छा एनर्जी सोर्स बन सकता है बल्कि यह एक deep sea ecosystem के निर्माण के लिए raw materials भी provide करवा सकता है | और यह तो आप जानते ही होंगे कि धरती पर भी जब जीवन की शुरुआत हुई थी तब सबसे पहले वह समुद्र से ही हुई थी |
इसलिए यदि किसी बर्फीले ग्रह पर कुछ ऐसे कंडीशन बन जाए जिससे कि वहां पर लिक्विड वाटर और उसमें कुछ केमिकल्स मौजूद हो, तब इस बात की काफी ज्यादा संभावना हो जाते हैं कि ऐसे ग्रह पर जीवन की शुरुआत हो सकती है |
Diverse life forms का निर्माण
और ना केवल इतना ही बल्कि धरती पर मौजूद समुंदरों मैं यह भी देखा गया है कि हाइड्रोथर्मल वेंट्स के आसपास काफी ज्यादा diverse लाइफ फॉर्म्स मौजूद होते हैं. और यहां पर बैक्टीरिया, worms और काफी अलग-अलग प्रकार के जीव पाए जाते हैं, जैसे कि केकड़े, मछलियां, या फिर यह भी संभव हो सकता है कि ऐसे स्थानों पर काफी ज्यादा कॉन्प्लेक्स स्ट्रक्चर वाले लाइफ फॉर्म्स भी देखने को मिलते हैं |
और अब यदि हम Iceheim ग्रह की बात करें तो वैज्ञानिकों द्वारा ऐसा कहा जाता है कि इस ग्रह को दो प्रकार से उर्जा मिलती है. पहला है इसका Host star जो कि केवल इस ग्रह की ऊपरी सतह पर ही अपनी उर्जा पहुंचा सकता है. और दूसरा है इस ग्रह की इंटीरियर हिट एनर्जी, जो vents द्वारा बनती है.

जीवन के विकास की प्रक्रिया
तो चलिए, अब जब हम यह समझ चुके हैं कि आखिर Iceheim ग्रह पर जीवन के लिए energy source क्या है, तब इसके बाद हमारा यह जानना भी जरूरी है कि आखिर early life forms इस ग्रह पर अस्तित्व में कैसे आ सकती हैं. जैसा कि हमने आपको बताया कि Vents के जरिए केमिकल एलिमेंट्स भी रिलीज होते हैं, जो किसी लाइफ फॉर्म के अस्तित्व में आने के लिए raw materials का काम कर सकते हैं |
उसी प्रकार, Iceheim पर भी यह संभव हो सकता है कि इन vents के नजदीक ही जीवन की शुरुआत हो जहां पर bubble of liquid water का निर्माण होता है. हालांकि Iceheim ग्रह पर काफी ज्यादा ऐसे vents मौजूद होंगे, इसलिए इस ग्रह पर जीवन की शुरुआत कैसे होगी इसे आसानी से समझने के लिए आप ऐसा समझ लीजिए कि vents और bubble of liquid water के बीच जो सुरंग मौजूद होती है, असल में वही से जीवन की शुरुआत होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि धरती पर भी यही देखने को मिला है.
Unicellular से multicellular organism की एवोल्यूशन
यह सुरंग असल में Vents और bubble of liquid water के बीच की connection जैसी ही होती है. साथ ही वैज्ञानिक ऐसा भी मानते हैं कि जिस प्रकार धरती पर जीवन की शुरूआत एक unicellular organism से हुई थी उसी प्रकार Iceheim ग्रह पर भी सबसे पहले एक single cell ही अस्तित्व में आएगा. लेकिन unicellular organism का multicellular organisms मैं इवॉल्व होना एक काफी मुश्किल stage हो सकती है. क्योंकि यह तो आप सब जानते ही हैं कि किस प्रकार एवोल्यूशन कई सालों की प्रक्रिया है |
और इसलिए इसमें काफी ज्यादा वर्षों का समय लग जाता है. और क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिक ऐसा मानते हैं कि धरती पर जब यूनिसेल्यूलर ऑर्गेनाइज्म की multicellular organisms मैं evolution हुई थी तब वह केवल by chance ही हो गया होगा. इसलिए यह अनुमान लगाना की Iceheim पर यह evolution कैसे होगी यह काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है. लेकिन फिर भी हमारे वैज्ञानिक ऐसा ही मानकर चलते हैं कि यूनिसेल्यूलर organisms, multicellular organisms मैं समय के साथ-साथ खुद ही evolve हो जाएंगे.
तो चलिए अब जब हमने यह भी जान लिया है कि किस प्रकार Iceheim पर जीवन की शुरुआत हो सकती हैं और किस प्रकार एक यूनिसेल्यूलर organism, multicellular organisms मैं इवॉल्व हो सकता है, तब इस के बाद हमारा यह जानना जरूरी है कि आखिर यहां से इनके जीवन में adaptation की प्रक्रिया कैसी रहेगी. इस पर वैज्ञानिकों द्वारा सबसे पहले तो यही अनुमान लगाए जाते हैं कि इन सब multicellular organisms मैं जो सबसे पहला बदलाव आएगा वह होगा mobility. और ऐसा इसलिए है क्योंकि vents हमेशा के लिए active नहीं रहते |
और इसलिए अपने survival के लिए इन सभी organisms को एक vent से दूसरे vent तक जाना होगा और यह पूरी तरह से निर्भर इसी बात पर करेगा कि आखिर एक vent कितने समय के लिए active होगा. क्योंकि, यदि एक vent काफी ज्यादा समय के लिए एक्टिव रहा तब उसका नतीजा यह होगा कि उसी के आसपास सबसे पहले non mobile life forms, evolve होंगी और अस्तित्व में आएंगी. जैसे कि oysters. Oysters समुद्र में पाए जाने वाले ऐसे जीव होते हैं |
जो खुद से कभी movement नहीं करते हालांकि इन्हें इनके offsprings द्वारा दूसरे vent तक पहुंचाया जाता है. लेकिन यदि एक Vent काफी कम समय के लिए एक्टिव रहा तब उसका नतीजा यह होगा कि मछलियों जैसे तेज चलने वाले जीव सबसे पहले evolve होंगे ताकि वह अपने survival के लिए खुद को दूसरे vent तक पहुंचा सके और उनके जीवन को कोई खतरा ना पहुंचे.

Vents के समय और organisms के प्रकार
वैसे तो हमारे वैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि यदि Iceheim पर जीवन की शुरुआत होगी तब दोनों प्रकार के ही life फॉर्म देखने को मिलेंगे, mobile life forms भी और non mobile life forms भी.
हालांकि इन सबके बावजूद भी, Iceheim जैसे बर्फीले ग्रह की सतह पर, किसी भी प्रकार का, कोई भी जीवन, देखने को नहीं मिलेगा. क्योंकि ऐसे ग्रह की सतह पर जीवन को support करने वाली कोई भी कंडीशन मौजूद नहीं है. और इसलिए ऐसे ग्रह के केवल, सतह के नीचे ही जीवन पाए जाने के संकेत मिलना संभव हो सकते हैं. और जैसा की आप जानते ही हैं |
कि धरती पर समुद्री जीवो ने धीरे-धीरे evolve हो कर land पर रहना सीख लिया था, लेकिन शायद Iceheim पर मौजूद जीवो के लिए यह काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि धरती पर समुद्र में केवल पानी ही मौजूद था लेकिन Iceheim पर केवल bubbles of liquid water हि हैं, और इसलिए उनका सतह तक पहुंचना काफी मुश्किल हो सकता है.
Cracks के जरिए ऊपर पहुचने की संभावना
आप इसे आसान भाषा में ऐसा समझ लीजिए कि Iceheim ग्रह के सबसे नीचे मौजूद layers, जहां पर vents मौजूद है, केवल वहीं पर लाइफ़फॉर्म्स जीवित रह सकते हैं. लेकिन इस ग्रह की ऊपरी layers जहां तक vents की उर्जा नहीं पहुंच सकी, वह layers पूरी तरह से जमी हुई होंगी और इसलिए Iceheim ग्रह पर मौजूद जीवओ का सतह तक पहुंचना काफी मुश्किल हो सकता है. हालांकि इसमें भी एक संभावना देखी जा सकते हैं. यदि किसी प्रकार इस ग्रह की ऊपरी layers मैं cracks पड़ जाए, तब शायद नीचे की layers में मौजूद जीव इन cracks के जरिए ऊपरी layers तक पहुंच सकते हैं, जिससे कि फिर वह इस ग्रह की सतह तक भी पहुंच सकेंगे.

Photosynthetic organisms और पेड़ पौधे
और यह भी संभव हो सकता है कि सबसे पहले single celled organisms हि इस ग्रह की सतह तक पहुंचे और उसके बाद वह photosynthetic organisms मैं evolve हो जाएं जिससे कि फिर वह Complex organisms की फॉर्म ले लेंगे. और यह भी संभव हो सकता है कि वह पेड़ पौधों जैसे स्ट्रक्चर बना ले जिससे कि फिर वह host star से आने वाली ऊर्जा को absorb कर सकेंगे. और फिर यहां से एक नए जीवन की शुरुआत हो सकती है |
हालांकि Iceheim ग्रह पर यदि कोई पेड़ पौधा अस्तित्व में आया तो उसका स्ट्रक्चर काफी ज्यादा बड़ा होगा, धरती के पेड़ पौधों के मुकाबले. ऐसा इसलिए क्योंकि जैसा हमने आपको शुरुआत में बताया था इस ग्रह का host star इसे काफी ज्यादा दूरी पर मौजूद है और इसलिए उसकी कम ऊर्जा को absorb करने के लिए के leaf like structures का बड़ा होना काफी ज्यादा जरूरी है. और साथ ही यह पेड़ पौधों जैसे दिखने वाले स्ट्रक्चर्स black भी हो सकते है ताकि वह और भी ज्यादा ऊर्जा को absorb कर सके.
और इसलिए यदि इस ग्रह की सतह पर जीवन की शुरुआत होगी तब ऐसा देखने को मिल सकता है कि इस ग्रह की बर्फीली सतह पर काफी ज्यादा काले और बड़े-बड़े पेड़ पौधे मौजूद हैं. और आपको यह जानकर बहुत ही हैरानी होगी कि यह भी संभव हो सकता है कि यह पेड़ पौधे अपनी जड़ों को इस ग्रह की सबसे निचली सतह तक ले जाएं क्योंकि वहां से भी इन्हें ऊर्जा प्राप्त हो सकती है और ऐसे में यह पेड़ पौधे काफी ज्यादा बड़े होंगे जिसका अनुमान भी शायद कोई नहीं लगा सकता.
Intelligent life forms की संभावना
अब अगला सवाल यहां यह आता है कि क्या इस ग्रह पर intelligent life forms अस्तित्व में आ सकती हैं या नहीं? तो इसका जवाब होगा कि, यह संभव हो सकता है, लेकिन वह कितनी इंटेलिजेंट होंगी यह कोई नहीं कह सकता. लेकिन मान लीजिए कि वह काफी ज्यादा इंटेलिजेंट लाइफ़फॉर्म्स है और वह भी हमारी तरह एक दूसरे से बातचीत कर सकती हैं, और टेक्नोलॉजी का निर्माण भी कर सकते हैं |
और ऐसे मैं आपको यह जानकर बहुत ही हैरानी होगी कि इस तरह के जीव काफी ज्यादा अजीब दिखने वाले होंगे. सबसे पहले तो उनकी शायद आंखें नहीं होंगी क्योंकि उनके ग्रह पर काफी ज्यादा अंधेरा होगा और इसलिए वह चीजों को केवल sense हि कर सकेंगे. इसके अलावा वह मछली जैसे दिखने वाले जीव भी हो सकते हैं जिनके शरीर पर tentacles मौजूद हो ताकि वे अपने आसपास मौजूद पानी को महसूस कर सकें.
आकार पर संसाधनों का प्रभाव
लेकिन इस जीवो का साइज क्या होगा यह पूरी तरह से निर्भर करेगा कि उनके ग्रह पर कितने resources available है. हालांकि यह संभव हो सकता है कि उनका साइज़ भी लगभग हमारे जितना ही हो. ऐसे में उनसे encounter हो जाना काफी ज्यादा डरावना हो सकता है. क्योंकि वह किसी horror movie के खतरनाक creatures की तरह नजर आएंगे.




