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Jupiter ग्रह के रहस्यमयी चन्द्रमाये | Habitable Moons of Jupiter in Hindi

In this article we will discuss about the jupiter planet and it's moons, importantly galileo moons.

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जुपिटर के Habitable Moons | Jupiter’s Habitable Moons

जुपिटर के Moons की शुरुआत | Introduction to Jupiter’s Moons

दरअसल जुपिटर के moons, ganymede, यूरोपा और callisto माने जाते हैं कि यह हैबिटेबल हैं और ऐसा इसलिए है क्योंकि इन moons के अंदर वैज्ञानिकों का मानना है कि लिक्विड वॉटर या और भी कई तरह के लिक्विड मौजूद हो सकते हैं। mars के बाद हमारे सोलर सिस्टम की इन्हीं bodies को हैबिटेबल माना जाता है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इन पर microbial life यानी कि वह जीवाणु हो सकते हैं |

जो कि ज्यादा डेवलप्ड नहीं हुए हैं और इसीलिए वैज्ञानिक इन bodies के ऊपर रिसर्च करने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक हैं। इन्हीं बॉडीज के ऊपर रिसर्च करने के लिए नासा और esa दोनों ही जल्द ही मिशन लॉन्च करने वाले हैं और यह मिशन हमें इन बॉडीज के बारे में काफी सारी जानकारी देंगे। तो चलिए जानते हैं इन मिशंस के बारे में और यह भी कि यह bodies हैबिटेबल कैसे हैं ।

Jupiter and it's Moons
Jupiter and it’s Moons

जुपिटर के चार मुख्य Moons | Jupiter’s Four Main Moons

अगर हम बात करें जुपिटर के moons की तो की तो जुपिटर के पास कुल 79 moons हैं जो कि काफी ज्यादा तो है ही साथ साथ इसके मूंस भी jupiter की तरह ही काफी ज्यादा बड़े भी हैं। जुपिटर के चार मेन moons हैं जिन्हें Galilean moons भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन 4 important moons को Galileo Galilei ने 1610 में डिस्कवर किया था। हालांकि उस समय इन चांदो के बारे में हम ज्यादा कुछ नहीं जान पाए थे परंतु अब हम इन moons के बारे में काफी कुछ जानते हैं। इन चारों के नाम हैं:- Ganymede, Europa , lo और callisto वैज्ञानिकों का मानना है कि जुपिटर के यह गैलीलियन moons habitable हो सकते हैं और हमारे सोलर सिस्टम में अर्थ और mars के बाद इन्हीं moons को habitable बॉडी माना जाता है।

प्रत्येक Moon की विशेषताएं | Features of Each Moon

Jupiter Moon Ganymede
Jupiter Moon Ganymede

Ganymede की विशेषताएं | Ganymede Features

अगर बात करें Ganymede की तो यह जुपिटर का और हमारे पूरे सोलर सिस्टम का सबसे बड़ा मून है जो कि मरक्यूरी प्लेनेट से भी बड़ा है और अगर बात करें यूरोपा की तो वह लगभग हमारे अर्थ के moon के साइज जितना ही है।

Ganymede का Magnetic Field | Ganymede’s Magnetic Field

अगर हम बात करें ganymede की तो यह हमारे सोलर सिस्टम का इकलौता ऐसा मून है जिसके पास अपना खुद का strong मैग्नेटिक फील्ड है जो कि उसके आयरन रिच कोर की वजह से है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पर मौजूद पानी अर्थ के ओसियंस के पानी से भी ज्यादा है और ऐसा ही Europa के oceans को लेकर भी वैज्ञानिकों का मानना है।

Volcanos of Jupiter Moon IO
Volcanos of Jupiter Moon IO

Io की Volcanic Activity | Io’s Volcanic Activity

जुपिटर का सबसे करीबी मून Io है जो कि हमारे पूरे सोलर सिस्टम की सबसे ज्यादा volcanically एक्टिव बॉडी माना जाता है यानी हमारे पूरे सोलर सिस्टम में इस मून पर सबसे ज्यादा Volcanoes मौजूद हैं। अगर कंपेयर किया जाए किसी भी प्लानेट एस्ट्रॉयड या moon के साथ, तो इस मून पर इतने ज़्यादा volcanoes इसलिए मौजूद हैं क्योंकि यह जुपिटर को बहुत करीब से ऑर्बिट करता है।

जुपिटर के इतने करीब होने के कारण जुपिटर की ग्रेविटी इसके surface को अपनी तरफ खींचती है और इसके सरफेस पर कुछ इस तरीके की Tide आती है जैसी हमारे अर्थ पर मून की वजह से ओसियंस में आती है परंतु Io के सर्फेस पर यह उसके रॉकी क्रस्ट में आती है और इस कारण इस मून में काफी ज़्यादा geological एक्टिविटीज होती रहती हैं जिनके कारण यहां life की existence की possibilities भी कम हैं। इसका एक और भी कारण है कि जुपिटर से निकलने वाली रेडिएशन भी सबसे ज्यादा इसी चांद पर गिरती है। अगर बात करें बाकी तीन Moons की तो माना जाता है इन तीनों moons पर life exist कर सकती है ।

Jupiter moon europa
Jupiter moon europa

Europa के Subsurface Oceans | Europa’s Subsurface Oceans

इन moons पर इतना ज्यादा पानी होने के कारण वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां लाइफ आसानी से Exist कर सकती है। क्योंकि यह दोनों ही Moons सन से काफी ज्यादा दूरी पर मौजूद हैं, इन दोनों मूंस के surface बर्फ से covered हैं, जिसकी layer काफी किलोमीटर्स गहरी है पर वैज्ञानिकों का मानना है कि इन icy क्रस्ट के काफी नीचे लिक्विड वॉटर की मौजूदगी हो सकती है।

दरअसल यह moons jupiter के काफी पास हैं और जुपिटर के पास होने के कारण इन्हें जुपिटर की ग्रेविटी काफी ज्यादा डिस्टर्ब करती है जिसके कारण इन moons में काफी ज्यादा जियोलॉजिकल एक्टिविटीज होती है जो कि इन moons के अंदर काफी Heat को जनरेट करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह heat काफी है यहां पर मौजूद वाटर को लिक्विड फॉर्म में बनाए रखने के लिए और साथ-साथ वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि यह हीट एनर्जी लाइफ को exist कराने के लिए एनर्जी प्रोवाइड कर सकती है।

हबल स्पेस टेलीस्कोप की ऑब्जर्वेशंस से हमें यह पता चलता है कि Ganymede के एटमॉस्फेयर में ऑक्सीजन भी मौजूद है जो कि इस बात का इशारा देती है कि यहां पर लाइफ होने के चांसेस और भी ज़्यादा बढ़ जाते हैं और अगर बात करें यूरोपा की तो हमें ऑब्जर्वेशंस से यह पता चला है कि यूरोपा की सर्फेस पर भी लिक्विड वॉटर exist कर सकता है।

आपको बता दें कि पृथ्वी के सारे Oceans, समुद्र नदियां झीलें सबका पानी combine करने के बाद भी यहां पर यूरोपा के आधे से भी कम पानी होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि जिस प्रकार हमारे अर्थ के volcanic धमाकों में लावा बाहर निकलता है उसी प्रकार यूरोपा पर हो रहे Volcanic धमाकों में लिक्विड वॉटर यूरोपा के मेंटल से crust पर आ सकता है और वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि इन्हीं के थ्रू यूरोपा पर लिक्विड वॉटर की नदियां भी हो सकती हैं। तो ऐसे में चांसेस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं कि यहां लाइफ exist करें।

Callisto Moon
Callisto Moon

Callisto की Radiation Protection | Callisto’s Radiation Protection

परंतु इन moons के साथ यह दिक्कत है कि जुपिटर से निकलने वाले मैग्नेटिक रेडिएशन इन Moons को काफी ज्यादा इफेक्ट करते हैं जो कि usually लाइफ existence के लिए अच्छे नहीं है परंतु ऐसे में जुपिटर का moon callisto एक ऐसी बॉडी है जहां ऐसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन नहीं पहुंचते।

दरअसल Callisto जुपिटर के इन तीनों moons के मुकाबले काफी दूरी से jupiter को orbit करता है और यही कारण है कि जुपिटर से निकलने वाली पावरफुल मैग्नेटिक रेडिएशन Callisto को ज्यादा Effect नहीं कर पाती परंतु यहां भी एक दिक्कत आ जाती है कि जुपिटर से दूर होने के कारण यहां जियोलॉजिकल एक्टिविटीज काफी कम होती है जिस कारण वैज्ञानिकों का मानना है कि Callisto पूरी तरह से आईसी बॉडी है और यहां लिक्विड वॉटर शायद मौजूद नहीं होगा।

jupiter moons
jupiter moons

वैज्ञानिक उत्साह और इतिहास | Scientific Interest and History

चूंकि यह सभी मून लाइफ के लिए हैबिटेबल हो सकते हैं, इसीलिए वैज्ञानिक इनके बारे में जानने के लिए काफी उत्सुक है क्योंकि पहला तो यह हमारे द्वारा खोजी गई पहली एलियन लाइफ के सिग्नेचर होंगे और दूसरा ये हमें लाइफ के डेवलपमेंट के बारे में काफी ज्यादा जानकारी दे सकते हैं और इसीलिए दुनिया भर के वैज्ञानिक और astronomers इन मूंस पर रिसर्च करने के लिए उत्सुक है।

इन मूंस को खोजा तो सोलवी शताब्दी में ही गया था परंतु इन moons के बारे में ज्यादा जानकारी हमें 1990 के दशक के बाद ही मिल पाई है जब हमने इन्हें ग्राउंड बेस्ड Telescopes की मदद से काफी डिटेल में स्टडी किया और साथ-साथ Pioneer और वॉयेजर जैसे मिशंस ने भी इन मूंस के बारे में काफी कुछ हमें बताया है। परंतु यह सभी मिशंस इन moons को ज्यादा गहराई में स्टडी नहीं कर पाए क्योंकि यह इन्हें तभी स्टडी कर सकते थे जब वे जुपिटर के पास से गुजर रहे हों क्योंकि यह मिशन जुपिटर के moons के लिए नहीं बल्कि हमारे सोलर सिस्टम के बाहरी पार्ट्स को एक्सप्लोर करने के लिए बनाए गए थे।

हालांकि हमें इन मूंस के बारे में और ज्यादा जानकारियों की आवश्यकता है ताकि हम यह पता लगा पाए कि आखिर इन मूंस पर लाइफ exist करती है या नहीं और अगर करती है तो वह किस प्रकार करती है और इसीलिए यूरोपियन स्पेस एजेंसी एक नया मिशन launch करने वाली है जिसका नाम है Jupiter Icy Moon Explorer या कहें JUICE मिशन।

ESA Juice Mission
ESA Juice Mission

ESA का JUICE Mission | ESA’s JUICE Mission

इस मिशन में यूरोपियन स्पेस एजेंसी जुपिटर की तरफ एक स्पेसक्राफ्ट भेजेगी जिसमें एक orbitter होगा जो जुपिटर को कुछ इस प्रकार orbit करेगा कि यह है जुपिटर के तीनो मूंस को बारीकी से स्टडी कर पाए और उनके बारे में हमें नई जानकारियां दे पाए।

JUICE का Launch और Journey | JUICE Launch and Journey

प्लान के अनुसार esa April 2023 में ये स्पेसक्राफ्ट को लांच करेगी जो जुपिटर के ऑर्बिट में जाकर जुपिटर को और उसके moons को explore करेगा। यह स्पेसक्राफ्ट एक Ariane 5 लॉन्च व्हीकल के द्वारा लांच किया जाएगा जो कि 2023 के अप्रैल में लांच होगा और 2031 तक 7.5 साल की यात्रा में यह जुपिटर तक पहुंचेगा। जुपिटर तक पहुंचने के लिए यह सिर्फ फ्यूल का ही यूज नहीं करेगा बल्कि other प्लैनेट्स की ग्रेविटी का यूज करके भी यह जुपिटर तक पहुंचेगा!

जिसमें यह तीन बार अर्थ के नजदीक से गुजरेगा, एक बार विनस के नजदीक से और एक बार mars के नजदीक से और 2031 की जनवरी तक यह जोवियन सिस्टम यानी जुपिटर की ग्रेविटेशनल फील्ड में एंटर करेगा और जुपिटर के नजदीक पहुंचने पर यह सबसे पहले Ganymede के करीब से होकर गुजरेगा जिससे इसकी वेलोसिटी कम हो जाएगी और जुपिटर के ऑर्बिट में दाखिल होने में मदद मिलेगी।

2031 में ही यह सबसे पहले यूरोपा के नजदीक से होकर गुजरेगा और इसके बाद यह जुपिटर को काफी इंक्लाइंड प्लेन पर ऑर्बिट करेगा। दरअसल यह स्पेसक्राफ्ट जुपिटर को उसके इक्वेटर के प्लेन में नहीं ऑर्बिट करेगा बल्कि जुपिटर को कुछ इस प्रकार orbit करेगा ताकि वह इसके poles को भी स्टडी कर पाए और इसके बाद 2032 की जनवरी में यह Callisto के पास से होकर गुजरेगा जिससे इसका orbit लगभग इक्वेटर पर आ जाएगा और यह जुपिटर को वापस उसके इक्वेटर पर orbit करना शुरू कर देगा।

2032 के सितंबर में JUICE ganymede के ऑर्बिट में दाखिल होगा और इसके साथ यह पहला स्पेसक्राफ्ट बनेगा जो कि अर्थ के मून के अलावा किसी और प्लानेट के moon को orbit करेगा। Ganymede के ऑर्बिट में दाखिल करने के बाद यह Ganymede को काफी क्लोज से स्टडी करेगा और साथ-साथ Ganymede की मैग्नेटिक फील्ड के बारे में भी काफी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करेगा।

Juice Mission to Jupiter
Juice Mission to Jupiter

JUICE के Main Objectives | JUICE Main Objectives

इस मिशन के मेन ऑब्जेक्टिव्स होंगे इन तीनों मूंस के ओसियंस के बारे में स्टडी करना और इसके साथ-साथ ganymede की मैग्नेटिक फील्ड और यूरोपा की क्लोज इमेजेस लेना जिससे वैज्ञानिकों को इन Moons के बारे में काफी नई जानकारियां मिलेंगी।

JUICE के 11 Instruments | JUICE’s 11 Instruments

अगर इस मिशन में स्पेसक्राफ्ट में यूज किए जाने वाले instruments की बात करें तो ऐसे स्पेसक्राफ्ट में कुल 11 मेन Instruments यूज किए गए हैं जिनके नाम हैं

Instrument List

3GM, or the Gravity & Geophysics of Jupiter and Galilean Moons
GALA, the Ganymede Laser Altimeter
J-MAG the JUICE magnetometer
MAJIS , the Moons and Jupiter Imaging Spectrometer
PEP , the Particle Environment Package.
RIME, the Radar for Icy Moons Exploration
RPWI, the Radio and Plasma Wave Investigation
SWI, the Sub-millimeter Wave Instrument
UVS UV imaging spectrograph
JANUS: Jovis, Amorum ac Natorum Undique Scrutator, camera system
PRIDE: Planetary Radio Interferometer & Doppler Experiment

यह instruments Jupiter के Moons को बारीकी से अध्ययन करने में के लिए डिजाइन किए गए हैं।

Juice Mission
Juice Mission

JANUS Camera System

JANUS एक ऐसा कैमरा सिस्टम है जो कि जुपिटर के moons के सरफेस की इमेजेस काफी हाई रेजोल्यूशन में खींचेगा जहां पर इमेज का हर एक पिक्सेल moons के 400 मीटर square के area के बराबर होगा

MAJIS Spectrometer

और MAJOS एक ऐसा स्पेक्ट्रोमीटर है जो कि इंफ्रारेड टेक्नोलॉजी की हेल्प से जुपिटर के tropospheric clouds को स्टडी करेगा और जुपिटर में मौजूद उन Gases का पता लगाएगा जो कि काफी कम मात्रा में मौजूद हैं और साथ-साथ इन icy Moons पर मौजूद मिनरल्स और बाकी एलिमेंट्स का पता भी लगाएगा।

J-MAG Magnetometer

J-MAG एक ऐसा magnetometer है जो स्पेशली ganymede के मैग्नेटोस्फीयर को स्टडी करने के लिए बनाया गया है | जो कि इसके मैग्नेटिक फील्ड के थ्रू ganymede के अंदर मौजूद Oceans की स्टडी करेगा जो कि इस मून के बर्फीले क्रस्ट के काफी नीचे दबे हुए हैं।

UVS Spectrometer

UVS एक ऐसा स्पेक्ट्रोमीटर है जो अल्ट्रावायलेट रेस में वर्क करेगा और यह ganymede और जुपिटर के auroras और उसके साथ-साथ इन दोनों ही बॉडीज के एटमॉस्फेयर को भी स्टडी करेगा और बाकी सभी इंस्ट्रूमेंट्स भी कुछ इसी प्रकार जुपिटर के moons को अलग अलग तरीके से observe करेंगे और हमें जुपिटर और इसके मूंस के बारे में नई जानकारियां देते रहेंगे।

NASA’s Europa Clipper Mission | NASA’s Europa Clipper Mission

आपको एक इंटरेस्टिंग बात बता दें कि esa का JUICE मिशन ही इकलौता ऐसा नहीं है जो जुपिटर तक जाने वाला है बल्कि नासा भी जल्द ही यूरोपा की ओर Clipper नाम का स्पेसक्राफ्ट जुपिटर के सिस्टम में भेजेगा जो कि मेनली यूरोपा को और उसके आईसी क्रस्ट और उस पर मौजूद रिवर्स को स्टडी करेगा और यह पता लगाएगा की यूरोपा पर लिक्विड वॉटर Exist कर सकता है या नहीं। आने वाले समय में ऐसे मिशंस इन moons को स्टडी करने के लिए होते रहेंगे जो की इन moons के बारे में नई जानकारियां हमें देते रहेंगे और हो सकता है future में हम इन moons पर भी colonies बनाएं।

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Geetesh Patel is a Science enthusiast, he has a successful running youtube channel with over 1 Million Subscriber. And he Owns Universe Hindi and other Blogs and Websites.

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