
Dwarf Planet Pluto , Kuiper Belt में मौजूद सबसे बड़ा Solar Body है | Kuiper Belt मुख्य रूप से Neptune ग्रह से परे मौजूद Icy Bodies का एक Solar Disk है जहा लाखो की संख्या में Icy Comets और Pluto , Haumea , Eris , Makemake जैसे Dwarf Planets मौजूद है |

NASA New Horizons Mission to Pluto
Pluto के बारे में मिली हमारी अबतक की लगभग सारी जानकारी हमें NASA के New Horizons नाम के Inter Planetary Mission से मिली है | इस मिशन को 2006 में launch किया गया था जो की करीब 9 सालो की लम्बी यात्रा के बाद July 2015 में Pluto के करीब से होकर गुजरा , जिस दौरान इसने इस Dwarf Planet का करीबी से अध्यन किया |
इस अध्यन के दौरान वैज्ञानिको को Dwarf Planet Pluto से जुडी हुई कई महत्वपूर्ण जानकारियों का पता चला जिसने वैज्ञानिको का इस Dwarf Planet और Outer Solarsystem को देखने का नजरिया हमेशा के लिए बदल दिया |
Pluto Surface and Activity
शुरू में वैज्ञानिको का मानना था की Pluto एक Inactive Icy World है जहा किसी भी प्रकार की कोई हलचल नहीं होती होगी और यहाँ वैज्ञानिको के अध्यन के लिए कुछ ख़ास मौजूद नहीं होगा | और इसी वजह से शुरू में वैज्ञानिको ने इस Dwarf Planet पर कोई खास रूचि भी नहीं दिखाई थी |
पर New Horizons मिशन द्वारा जुटाए गयी जानकारियों से हमें पता चला है की Pluto एक बेहद ही Active World है | यहाँ एक Nitrogen Rich Atmosphere मौजूद है , जो की काफी हद तक हमारे पृथ्वी की तरह है | अध्यन के दौरान वैज्ञानिको को इसके Surface पर घाटियों , Nitrogen Ice से जमे हुए कई किलोमीटर विशाल पहाड़ो का भी पता चला है |
Sputnik Planitia
इसी अध्यन के दौरान वैज्ञानिको को Pluto के Heart कहे जाने वाले Sputnik Planitia नामक जगह के किनारे पर कुछ अजीबो गरीब Structures का भी पता चला था जो की पहाड़ो की एक श्रृंखला या टीलों की तरह नज़र आ रहे थे | हाल ही में वैज्ञानिको के एक दल ने New Horizons द्वारा इस Structure के खींचे गए तस्वीरो और Data का पुनः अध्यन कर इसके बारे में चौकाने वाले खुलासे किये है |

Pluto Icy Volcanos
वैज्ञानिको के अनुसार ये Structures असल में Cryovolcanoes यानी एक तरह के Ice Volcanos है | जहा हमारे धरती पर पाए जाने वाले Volcanos के फूटने पर Lava निकलता है वही इन Ice Volcanos से Ice और Water निकलता है | पर आखिर Pluto पर इन Icy Volcanos की खोज कैसे की गई , क्या ये आज भी Active हो सकते है ? और क्या ये Pluto के Underground Oceans में मौजूद जीवन के कोई सबूत है |
वैसे तो नासा को Pluto के इस Sputnik Planitia नामक जगह पर ऐसे 10 Structures या टीले मिलें हैं लेकिन वे काफी छोटे हैं, पर इन सभी में दो टीले काफी बड़े हैं जो की उन्हें बाकी Structure से अलग करते है | यही वजह है कि इन दोनों टीलों की ओर वैज्ञानिकों का ध्यान गया, और उन्होंने इसके ऊपर Study करनी शुरू की | वैज्ञानिको ने अपने Study के दौरान New Horizons द्वारा इन Structures के खींचे गए Infrared Images , Color Images और Color Scans का अध्यन किया |

Volcanic Sturture in pluto – Wright Mons and Piccard Mons
इन दो Volcanic Structures को Wright Mons और Piccard Mons नाम दिया गया है | Wright Mons की ऊंचाई लगभग 4 से 5 किलोमीटर है और चौड़ाई लगभग 150 किलोमीटर है जबकि Piccard Mons की ऊंचाई लगभग 7 किलोमीटर और चौड़ाई 250 किलोमीटर है |
Comparison के लिए मै आपको बता दू की अबतक हमारे Solar System में खोजा गया दूसरा सबसे विशाल Ice Volcano शनि ग्रह के Moon – Titan में मौजूद है जो की करीब 1.5 किलोमीटर ऊँचा और करीब 80 किलोमीटर चौड़ा है | ऐसे में आप अंदाज़ा लगा सकते है की Pluto के Surface पर मौजूद ये Structures कितने विशालकाय और अनोखे है |
How Sputnik Planitia was Formed
सबसे ख़ास बात यह है की ये Icy Volcanos प्लूटो के Heart कहे जाने वाले Sputnik Planitia के किनारे में मौजूद है | Sputnik Planitia एक तरह का Deep Basin है जिसका निर्माण संभवतः इसके Surface में हुए एक Large Impact की वजह से हुआ था |
और शायद इसी Impact की वजह से इसके Icy Crust में Cracks हो गए जिन्होंने इसके Interior में मौजूद Methane , Nitrogen और Molten Ice Water को बाहर आने का मौका दे दिया | Eruption के दौरान ये Ice Volcanos – Methane, Nitrogen और Molten Ice Water को Eject करते है |
वैज्ञानिकों ने अपने Research में ये पाया कि इन विशाल टीलों का निर्माण बर्फ के ज्वालामुखी यानी Icy Volcanos के फटने के बाद हुए जमाव के कारण हुआ हैं | और जब बाद में वैज्ञानिकों ने इसकी Detailed Study की तो उन्हें इन Ice Volcanos पर किसी प्रकार के Impact Craters का पता नहीं चला है जो की यह बताता है की ये Structures – Pluto के इतिहास की उपेक्षा काफी नए है | वैज्ञानिको के अनुसार ये Ice Volcanos करीब 1 से 2 Billion साल पुराने है जिसमे से कुछ क्षेत्र तो 200 मिलियन साल से भी कम पुराने या इससे भी Young हो सकते है |

How Ice Volcanoes were Created
Pluto पर मौजूद इन अनोखे Ice Volcanos की एक वजह इसके Thin Atmosphere , Very Cold Temperature , Low Gravity और Unique Composition को भी बताया जाता है | वैज्ञानिको के अनुसार Liquid Water और दूसरे Fluid धरती के High Atmospheric Pressure की वजह से हमारे Surface पर Fluid के Form में रहते है | पर Pluto पर एक बेहद ही Thin Atmosphere मौजूद है जिसकी वजह से इसके Surface पर स्तिथि Space Vaccum जैसी ही रहती है |
और इसी वजह से Pluto के Underground से आने वाला कोई भी Liquid इसके Surface पर एक ही समय पर Boil और Freeze होगा और ज्यादा समय तक Liquid Form में नहीं रह पाएगा | साथ ही Pluto की Lower Gravity की वजह से इसके Surface पर विशालकाय Structures बनाना भी आसान होता है |
Pluto आकार में हमारे Moon से आधा और Mass में केवल 20 प्रतिशत ही है ऐसे में शुरू में वैज्ञानिको का मानना था की इसका Core इसके निर्माण के कुछ Billion सालो बाद ही ठंडा हो गया होगा | पर आखिर Pluto के निर्माण के इतने सालो बाद इन Ice Volcanos को इतना Heat कहा से मिल रहा है यह आज भी वैज्ञानिको के लिए एक पहेली ही है | कुछ का मानना है की Pluto को यह Heat इसके Interior में हो रहे Radioactive Decay की वजह से मिल रही है और कुछ का मानना है की Pluto के Mysterious Heat का कारण इसके Techtonic Plates हो सकते है |
Pluto Sub Surface Liquid Oceans
ऐसे में सम्भावना यह भी है की Pluto के Surface के नीचे Liquid Water के Oceans मौजूद है जो की इसके Mysterious Internal Heat की वजह से आज भी Liquid Form में बने हुए है | ऐसे में इसके Underground Oceans जीवन के लिए जरुरी तीन में से 2 Requirements को पूरा करता है जो की है Liquid Water और Energy | ऐसे में अगर इसके Underground Oceans में जीवन के लिए जरुरी तीसरा Component यानी Organic Compund भी मौजूद हो तो यहाँ किसी प्रकार का Microbial Life भी मौजूद हो सकता है |
Pluto के Surface पर खोजे गए इन Icy Volcanos के बारे में अच्छे से समझने के लिए हमें यह जानना होगा की आखिर Pluto के Surface के नीचे क्या चल रहा है और इसे इन Volcanos को ज़िंदा रखने के लिए जरुरी heat कहा से मिल रही है | पर धरती पर मौजूद Telescopes और मिशनों के जरिये इसके Subsurface का अध्यन कर पाना संभव नहीं है |

Future NASA Pluto Orbiter Missions
अगर हमें Pluto के Surface , उसके Active Core और वहा मौजूद Sub Surface Ocean का अच्छे से अध्यन करना है तो हमें वहा और भी आधुनिक Science Instruments के साथ जाना होगा | ऐसे में हमें Flyby की जगह उसके Orbit में रहकर उसका अध्यन करना होगा | यानी की हमें Pluto पर एक Orbiter मिशन भेजना होगा जो की उसके Orbit में कई सालो तक रहकर उसके Surface , उसके Core , Atmosphere और उसके Moons का अध्यन कर जरुरी जानकारिया धरती तक भेज सके |
अगर सब कुछ ठीक और Plan के मुताबिक रहा तो NASA एक ऐसे ही Mission पर काम कर रहा है जिसे 2030 तक Launch किया जा सकता है | Jupiter ग्रह के Gravity Assist की मदद से वैज्ञानिको को उम्मीद है की यह Spacecraft 2040 तक इस Dwarf Planet तक पहुंच जाएगा | जिसके बाद यह इसके सबसे बड़े Moon Charon के Gravity का उपयोग कर Pluto के Orbit में दाखिल होगा | यह करीब 2 से 3 सालो तक Pluto ग्रह के Orbit में रहकर उसका और उसके चारो Moons का अध्यन करेगा |
अपने Mission के दौरान यह बार बार Pluto के Orbit से होकर गुजरेगा | जिस दौरान यह इनके Surface , Atmosphere , Sub Surface Water ,Magnetic Field और Ice Poles का करीबी से अध्यन करेगा | कुछ सालो के बाद जब यह अपने सभी Scientific Objectives को पूरा कर लेगा तब यह अपने दूसरे Stage Mission को शुरू करेगा |

Future Mission to study kuiper belt
इसका दूसरा Mission होगा Kuiper Belt और उसमे मौजूद Solar Bodies का अध्यन करना | New Horizons Mission जो की अभी Kuiper Belt में मौजूद है उसने हमें बताया है की Kuiper Belt अभी भी काफी Active है जहा वैज्ञानिको के खोजने और अध्यन करने के लिए काफी कुछ मौजूद है | ऐसे में वैज्ञानिक चाहते है की Pluto Orbital Mission अपने दूसरे चरण में Kuiper Belt का भी अध्यन कर ले | ताकि एक ही Mission के जरिये दो Scientific Missions को पूरा किया जा सके | हमने Pluto Orbiter मिशन पर पहली ही एक Video बनाया हुआ है जिसे आप हमारे Channel पर देख सकते है |
पर जब तक यह Mission एक हक़ीक़त नहीं बन पाता धरती पर मौजूद वैज्ञानिक अपने Labs में Pluto के Environment की नक़ल कर यह अध्यन कर सकते है की Icy Materials ऐसे Condition में कैसे Behave करते है |
Pluto हमारे सौरमंडल के Outer Region में मौजूद है जो की हमारे सूर्य और पृथ्वी के दुरी की तुलना में 39 गुना ज्यादा दुरी पर मौजूद है | इसे पृथ्वी को हमारे सूरज से मिलने वाले Sunlight की तुलना में 1600 गुना कम Sunlight मिलता है और साथ ही इसका Mass और Size भी बेहद ही छोटा है |
पर इन सबके बावजूद भी वैज्ञानिको को Pluto के Surface पर Icy Volcanos और उसके Surface के नीचे Underground Oceans का पता चला है | ऐसे में यह वैज्ञानिको की कई तरह ही धारनावो को Challenge करता है | शुरू में वैज्ञानिको का मानना था की Liquid Water केवल किसी तारे के Goldilock Zone में मौजूद ग्रहो पर ही मौजूद हो सकता है |
पर हाल के कुछ वर्षो में किये गए अध्यनो में वैज्ञानिको को शनि और Jupiter ग्रह के Moons पर मौजूद Underground Oceans का पता चला है | और हाल ही में Pluto के Surface में खोजे गए Icy Volcanos ने भी इसके Surface के नीचे मौजूद Oceans के संकेत दिए है | जो की यह बतलाता है की हम आज भी हमारे सौरमंडल के बारे में काफी कुछ नहीं जानते | ऐसे में अगर वैज्ञानिको को हमारे सौरमंडल या किसी दूसरे Star System में जीवन की खोज करनी है तो अब उन्हें Habitable Zone से परे भी जीवन की खोज करनी होगी |




