
दोस्तों Alpha Centauri हमारे सौरमंडल से सबसे नज़दीक में मौजूद Star System है जो की हमारे सौरमंडल से केवल 4.3 Light Years की दुरी पर मौजूद है | जहा हमारे सौरमंडल में केवल एक ही तारा मौजूद है वही Alpha Centauri एक Triple Star System है जहा तीन तारे मौजूद है | और इन्ही में से एक तारा है Proxima Centauri जिसके Orbit में वैज्ञानिको ने हमारे पृथ्वी की ही तरह एक Habitable Exoplanet खोजने का दावा किया है |
ऐसे में चलिए दोस्तों हमारे साथ एक रोमांचक सफर में जहा हम हमारे सौरमंडल से सबसे नज़दीक में मौजूद Star System की यात्रा कर वहा मौजूद Stars और उनका चक्कर लगा रहे Possible Exoplanets के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे |

Alpha Centauri System – Alpha Centauri A and Alpha Centauri B
Alpha Centauri System में दो मुख्य तारे मौजूद है जिन्हे Alpha Centauri A और Alpha Centauri B के नाम से जाना जाता है | ये दोनों ही तारे हमारे सूर्य की तरह ही एक Main Sequence Star है जो की हमारे सौरमंडल से करीब 4.35 Light Years की दुरी पर मौजूद है | वही इस Star System का तीसरा तारा एक Red Dwarf Star है जिसे Proxima Centauri या Alpha Centauri C के नाम से जाना जाता है |
Proxima Centauri हमारे सौरमंडल से लगभग 4.25 light year की दुरी पर मौजूद है जो की इसे हमारे सूर्य से सबसे नज़दीक में मौजूद Star बनाता है | अगर हम इस Star System के Formation की बात करे तो वैज्ञानिकों का मानना है की इस Solar System का निर्माण हमारे सूर्य से लगभग 200 Million सालो पहले हुआ था | यानी की यह Star System हमारे सौरमंडल से भी पुराना है |
नग्न आँखों से देखने पर Alpha Centauri A और Alpha Centauri B एक ही Star के रूप में नज़र आते हैं जो की Sirius और Canopus के बाद, हमारे रात के आसमान में दिखाई देने वाला तीसरा सबसे चमकीला Star है | Alpha Centauri A और Alpha Centauri B एक Binary Star System का हिस्सा है जो की एक दूसरे से Gravitationally Bound है और एक Common Orbit में एक दूसरे का चक्कर लगाते है | ये दोनों ही तारे एक दूसरे से औसतन 23 Astronomical Unit (AU) की दुरी पर मौजूद रहते है |
अनुमान के लिए मै आपको बता दू की यह दुरी हमारे सूर्य और Uranus Planet की दुरी जितनी ही है | जहा Closest Approach के दौरान ये दोनों ही तारे एक दूसरे से 11 AU की दुरी पर आ जाते है वहीं इन दोनों Stars के बीच की Maximum दूरी लगभग 35 AU के बराबर मापी गयी है | ये दोनों ही तारे लगभग 80 सालों में अपने Common Center Of Gravity के चारों ओर अपना एक Orbit पूरा करते हैं | इनका सबसे Closest Approach – अगस्त 1955 में हुआ था और अब इनका अगला Closest Approach – सन 2075 में होने का अनुमान है |

Alpha Centauri A
इस Star System का सबसे बड़ा तारा है Alpha Centauri A जिसे Rigel Kentaurus नाम से भी जाना जाता है | यह Star हमारे सूर्य की तरह ही एक Yellow Colour का G2 Type Main Sequence Star है | यह तारा आकार में हमारे सूर्य से लगभग 22 प्रतिशत और वही Mass में करीब 10 प्रतिशत बड़ा है | वही अगर हम Luminiosity यानी इस तारे की चमक की बात करे तो यह हमारे सूर्य से करीब डेढ़ गुना ज्यादा चमकीला है |
वैज्ञानिको के अनुसार Alpha Centauri A तारे के Orbit में एक Super Earth और एक Mid Earth – Category के दो Possible Exoplanets मौजूद हो सकते है | ये दोनों ही Exoplanet Candidates – Rocky और Metallic Exoplanets हो सकते है जिनमे से एक ग्रह अपने तारे के Habitable Zone में इसका चक्कर लगाता है | अभी तक अध्यनो के दौरान वैज्ञानिको को इन Exoplanet Candidates के बारे में ज्यादा जानकारिया नहीं मिल पायी है और इसी वजह से इनके Size के अलावा इनके Nature , Atmosphere के बारे में हमारे पास ज्यादा जानकारिया मौजूद नहीं है |
Alpha Centauri B
वहीं इस Binary Star System का दूसरा Star – Alpha Centauri B है जिसे Toliman के नाम से भी जाना जाता है | यह एक Orange Colour का K1 Type Main Sequence Star है | यह हमारे सूर्य से Diameter में करीब 14 प्रतिशत वही Mass में करीब 10 प्रतिशत छोटा है |
वही अगर हम Luminosity यानी चमक की बात करे तो यह हमारे सूर्य से 50 प्रतिशत कम चमकीला है | 2012 में कुछ वैज्ञानिको ने Alpha Centauri B तारे के Orbit में एक Possible – Exoplanet को ढूंढने का दावा किया था पर 2015 में इस दावे को नकार दिया गया | और अभी तक इसके Orbit में मौजूद किसी भी Possible Exoplanet को Confirm नहीं किया गया है |

Alpha Centauri C – Proxima Centauri
वही इस Star System का तीसरा Star है Alpha Centauri C जिसे की Proxima Centauri के नाम से भी जाना जाता है | यह एक Small Main Sequence – Red Dwarf Star है जो की आकार और Mass में इस System का सबसे छोटा तारा है | Red Dwarf Stars हमारे Milkyway Galaxy में पाए जाने वाले सबसे Common Stars है |
यह आकार में हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह Jupiter से करीब 1.5 गुना बड़ा है पर यह काफी Dense है जिसकी वजह से इसका Mass – Jupiter ग्रह के Mass से 139 गुना ज्यादा है | अगर हम सूर्य से इसकी तुलना करे तो यह Mass में इसका केवल 12 प्रतिशत और आकार में केवल 14 प्रतिशत ही है | Proxima Centauri एक Dim Star है जो की हमारे सूर्य की तुलना में बेहद ही कम चमकीला है जिसकी वजह से इसे नग्न आँखों से देख पाना संभव नहीं है |
Proxima Centauri Star मुख्य Alpha Centauri – Binary Stars से करीब 13000 AU या 0.2 Light Years की दुरी पर मौजूद है इस वजह से इसे इन Stars का एक चक्कर पूरा करने में करीब 5 लाख सालो का समय लग जाता है | ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि कहाँ एक तरफ इस Triple Star System के दो तारे Alpha Centauri A और Alpha centauri B एक दूसरे से केवल 23 AU की दुरी पर मौजूद है | वही इसका तीसरा Star इन दोनों ही तारो से 13000 AU की दुरी पर मौजूद है | पर इतनी ज्यादा दुरी पर मौजूद होने के बावजूद Proxima Centauri को इस Alpha Centauri – Star System का एक हिस्सा क्यों माना जाता है |
Proxima Centauri की इतनी ज्यादा दुरी पर मौजूद होने की वजह से वैज्ञानिको के बीच यह मदभेद है की क्या वास्तव में इस Star का जन्म इस System में हुआ था या फिर ये सिर्फ एक Rougue Passing Star ही है जो की Alpha Centauri – Star System के नजदीक से गुजर रहा है और कुछ लाखों सालो के बाद वो इस System से काफी ज्यादा दूर चला जाएगा |
ज्यादातर वैज्ञानिको का मानना है की Proxima Centauri इसी Alpha Centauri Star System का एक हिस्सा है जो की एक बेहद ही Long Orbit में Alpha Centauri – Binary Stars का चक्कर लगाता है जिसे इन तारो का एक चक्कर पूरा करने में करीब 5 लाख सालो का समय लग जाता है | खैर वैज्ञानिक लगातार इस Star System का अध्यन कर रहे है ऐसे में आने वाले कुछ समय में हमें यह पता चल जाएगा की असल में यह Star इस Alpha Centauri System का एक हिस्सा है या नहीं |

Details on Red Dwarf Star –
अन्य Red Dwarf Stars की तरह ही Proxima Centauri भी एक बेहद ही Variable Star है जो की समय समय पर भयानक Solar Flares , Winds और Radiation छोड़ता रहता है | जिसकी वजह से धरती से किये जाने वाले Observations के दौरान समय समय पर इसके Brightness में भयानक उतार चढाव को Notice किया गया है |
ये Flares और Radiation बेहद ही शक्तिशाली और खतरनाक होते है जो की अपने Orbit में मौजूद Planets के Atmosphere और वहा मौजूद जीवन को कुछ ही समय में ख़त्म करने की ताक़त रखते है | ऐसे में वैज्ञानिक मानते है की Red Dwarf Stars का चक्कर लगा रहे Exoplanets पर किसी प्रकार के जीवन की पनपने की बेहद ही कम सम्भावनाये है |
पर ऐसा नहीं है की इन Red Dwarf Stars के Orbit में मौजूद Planets पर जीवन नहीं पनप सकता | ये Red Dwarf Stars बेहद ही Dim होते है जो की धीरे धीरे जलते है और इसी वजह से इनकी उम्र हमारे Sun जैसे Stars की तुलना में कई हज़ारो गुना ज्यादा होती है | ऐसे में ये Stars कई Trillion सालो तक अपने Orbit में मौजूद Planets को अपनी रौशनी से जगमग करते रहते है |
ऐसे में इन Red Dwarf Stars के Orbit में मौजूद Planets पर किसी प्रकार के जीवन को पनपने के लिए एक काफी लम्बा समय मिल जाता है | ऐसे में Evolution के दौरान इन Stars के Orbit में मौजूद Planets पर ख़ास तरह के जीवन पनप सकते है जो की खतरनाक हालातो में भी जीवित रह सके |
साथ ही ये Red Dwarf Stars बेहद ही Dim होते है जिसकी वजह से धरती पर मौजूद Telescopes की मदद से इन तारो का चक्कर लगा रहे Exoplanets का अध्यन करना बेहद ही आसान होता है | और इसी वजह से वैज्ञानिक Proxima Centauri , Trappist 1 और Gliese 581 जैसे Red Dwarf Stars और उनके Orbit में मौजूद Exoplanets का अध्यन करने में ख़ास रूचि दिखाते है | और हो सकता है की आने वाले भविस्य में हम एक Red Dwarf Star के Orbit में Exoplanet पर सबसे पहले जीवन की खोज करे |

Research on Proxima Centauri – System
वैज्ञानिक कई सालो से Proxima Centauri – System का करीबी से अध्यन कर रहे थे और सबसे पहले 2008 और 2009 में हुई एक Study में उन्होंने इस तारे का चक्कर लगा रहे एक Possible Exoplanet की बात को दुनिया के सामने रखा | पर उस समय कोई ठोस Proof नहीं होने की वजह से इसे वैज्ञानिको द्वारा नकार दिया गया |
इसके बाद 2016 में Chile में मौजूद European Southern Observatory की मदद से वैज्ञानिको के एक दल ने Proxima Centauri का चक्कर लगा रहे इस Possible Exoplanet पर अध्यन सुरु किया | Radial Velocity Method का उपयोग कर वैज्ञानिको ने इस Star System के Orbit का अध्यन किया और आखिरकार August 2016 में इस तारे का चक्कर लगा रहे एक Rocky Exoplanet की बात को Confirm कर दिया गया |

Details on Proxima Centauri b – Exoplanet
इस Exoplanet को Proxima Centauri b नाम दिया गया जो की आकार में हमारे धरती से करीब 1.3 गुना विशालकाय है | सबसे ख़ास बात यह है की यह हमारे सौरमंडल के Inner Planets की तरह ही एक Rocky World है जो की अपने तारे के Habitable Zone में उसका चक्कर लगता है |
दोस्तों मै आपको बता दू की किसी तारे का Habitable Zone उस तारे का एक ऐसा Region होता है जहा न तो ज्यादा गर्मी पड़ती है और न ही ज्यादा ठंडी | यानी की इस Region में चक्कर लगाने वाले Planets पर एक Average तापमान रहता है जहा Liquid Water इसके Surface में Liquid Form में रह सके | जो की किसी प्रकार के जीवन के पनपने के सबसे महत्वपूर्ण Component माना जाता है |
Proxima Centauri b अपने तारे से 7.5 million किलोमीटर या 0.05 AU की Average दुरी पर मौजूद है जिसे इसका एक चक्कर पूरा करने में करीब 11.2 दिनों का समय लगता है | इस Exoplanet के Surface का Average तापमान -39 Degree Celsius से -50 Degree Celsius के बीच हो सकता है | सालो तक अध्यन के बावजूद वैज्ञानिको को इस Planet के Atmosphere को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं मिले है |
Red Dwarf Stars कम चमकीले और छोटे होते है जिसकी वजह से इनका Habitable Zone भी इनसे काफी पास होता है | Proxima Centauri b भले ही अपने तारे के Habitable Zone में मौजूद है पर यह दुरी बेहद ही कम है | जिसकी वजह से वैज्ञानिको का अनुमान है की यह Exoplanet अपने Star से Tidally Locked हो सकता है | यानी की इसका एक Side हमेशा अपने तारे की ओर रहता है तो दूसरा Side हमेशा अपने तारे की विपरीत दिशा में |

Tidally Locked
अगर Proxima Centauri b अपने तारे से Tidally Locked है तो ऐसे में इस Exoplanet पर परिस्तिथिया बेहद ही अजीबोगरीब होंगी | हमेशा सूर्य की ओर रहने वाले Side में तापमान बेहद ही अधिक होगा जहा किसी प्रकार का पानी Gas बनकर Space में उड़ जाएगा | तो वही इसके दूसरे Side पर तापमान बेहद ही कम होगा जहा किसी प्रकार का पानी Ice के रूप में जम जाएगा | यानी की इसके दोनों Side किसी प्रकार के जीवन के पनपने के लिए अनुकूल नहीं होंगे |
पर कहानी यहाँ ख़त्म नहीं हो जाती, कुछ Studies के अनुसार इस तरह के Tidally Locked Planets पर भी एक ख़ास जगह पर जीवन संभव हो सकता है | वैज्ञानिको के अनुसार इस तरह के Planets के दोनों Sides के बीच में एक Thin Line मौजूद होती है जहा न तो ज्यादा ठंडी पड़ती है और न ही ज्यादा गर्मी |
ऐसे में इस जगह पर पानी अपने Liquid Form में मौजूद रह सकता है जो की किसी प्रकार के जीवन के पनपने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है | और यह भी संभव है की इस जगह पर हमारे धरती पर मौजूद जानवरो की तरह कोई Complex और Intelligent Life मौजूद हो | पर क्या सचमे यह Exoplanet Habitable है या नहीं इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए वैज्ञानिको को और भी ज्यादा Research और अध्यन करने की जरुरत है |

Proxima Centauri c and Proxima Centauri d Exoplanets
वही Proxima Centauri b के अलावा इस तारे का चक्कर लगा रहे दो Possible – Exoplanet Candidates की भी खोज की गयी है जिसे Proxima Centauri c और Proxima Centauri d नाम दिया गया है |
Proxima Centauri c
Proxima Centauri c एक Super Earth Category का Exoplanet हो सकता है जो की Mass में हमारे Earth से 7 गुना बड़ा है |यह अपने तारे का चक्कर करीब 1.5 AU की दुरी से लगता है और इसे अपने तारे का एक Orbit पूरा करने में 1928 दिनों का समय लग जाता है | शुरुआती अध्यनो के अनुसार वैज्ञानिको का मानना है की इस Planet के इर्द गिर्द Saturn Planet की तरह ही एक ring System मौजूद हो सकता है |
अपने तारे से इतनी दुरी पर मौजूद होने की वजह से वैज्ञानिको का मानना है की यह Exoplanet बेहद ही ठंडा और Unhabitable है जिसके Surface का Average तापमान -200 Degree Celius से लेकर -250 Degree Celius के बीच हो सकता है | इस Exoplanet Candidate की सबसे पहले खोज Italian Astrophysicist – Mario Damasso और उनकी Team द्वारा की गई थी |
उनकी Team ने ESO के HARPS Instrument की मदद से Proxima Centauri Star के Radial Velocity का अध्यन किया | अध्यन के दौरान Proxima Centauri Star का चक्कर लगा रहे Possible Second Planet की बात निकल कर सामनी आई | पर अभी तक वैज्ञानिको के पास इस Exoplanet Candidate के Existence को लेकर कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है और इसी वजह से इसे अबतक Finalize नहीं किया जा सका है |
Proxima centauri d
वही इस तारे का चक्कर लगा रहा दूसरा Exoplanet Candidate – Proxima centauri d है जो की हमारे पृथ्वी से आकार में छोटा एक Sub Earth Category का Exoplanet हो सकता है | यह अपने तारे से केवल 0.029 AU की दुरी पर मौजूद है जिसे अपने तारे का एक Orbit पूरा करने में केवल 5 दिनों का समय लगता है | यह Proxima Centauri Star के Orbit में खोजा गया अबतक का सबसे छोटा और Innermost Exoplanet है |
जिसका Mass हमारे earth के Mass का केवल 26 प्रतिशत है | अपने तारे से बेहद ही करीब मौजूद होने की वजह से वैज्ञानिको का मानना है की यह एक Inhabitable Exoplanet हो सकता है जिसके Surface का Average तापमान 70 Degree celsius से लेकर 90 Degree Celsius के बीच हो सकता है | साथ ही अपने तारे से बेहद ही कम दुरी पर मौजूद होने की वजह से यह Proxima Centauri b की ही तरह अपने तारे से Tidally Locked हो सकता है |
हमारे धरती से सबसे नज़दीक में मौजूद Star System होने की वजह से इसे भविस्य में होने वाले ज्यादातर Interstellar Missions जैसे की Breakthrough Starshot या किसी प्रकार के Interstellar Probe Mission के लिए सबसे Favourite Destination माना जाता है |
और हो सकता है की आने वाले 50 से 100 सालो में हम इस Exoplanet तक अपना कोई Mission भेजने में भी कामयाब हो जाए जो की इस Exoplanet को लेकर कई सारे खुलासे कर सकता है | साथ ही Hubble Telescope से कई गुना शक्तिशाली James Webb Telescope आने वाले कुछ समय में इस Exoplanet का अध्यन सुरु कर देगा जो की इस Exoplanet के Atmosphere और Condition को लेकर कई सारे खुलासे कर सकता है |




