
हमारा universe, बहुत सारी आकाशगंगाओं और उनमें मौजूद सौरमंडल और ग्रहों से बना है। लेकिन हमेशा से यूनिवर्स ऐसा नहीं था। एक वक्त था जब यूनिवर्स एक गेंद से भी छोटी चीज़ में सिमटा हुआ था। कई जानकार यह भी मानते हैं कि वो चीज कंचे से भी छोटी थी। उसके बाद एक धमाका हुआ जिसके कारण सभी atoms फैल गए और यही आगे चलकर यूनिवर्स बना। ये process एक लाइन में बताई जा सकती है लेकिन ये एक लाइन की process है नहीं, ऐसा होने में करोड़ों साल लगे। आज हमारा universe जिस स्वरूप में है, वहां तक पहुंचने में बहुत से बदलाव हुए हैं।

पहले Universe इतना बड़ा नहीं था। और ना ही इतना ज्यादा फैला हुआ था।Planets के बीच में ना इतना ज्यादा गैप था और ना ही Meteroids इतनी ज्यादा मात्रा मे आसमान में फैले थे। इस बीते समय में क्या क्या हुआ यह हम सभी जानते हैं, लेकिन एक ऐसा event भी मौजूद है जो हुआ बहुत पहले था लेकिन पता अब चल रहा है। वो event है Universe का सबसे बड़ा ब्लास्ट।
” नहीं मैं big bang की बात नहीं कर रहा। Big bang से भी बड़ा ब्लास्ट जो कि big bang के करोड़ों साल बाद हुआ और जिसके बारे में अब जाकर वैज्ञानिकों को पता चला “

ये event हुआ था पृथ्वी से लगभग 390 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर, एक super massive black hole के पास। ये ब्लैक होल Ophiuchus galaxy cluster के अंदर है। आपको बता दूं कि कई हर galaxy में Centre के पास कई सारे black hole मिलते हैं जो कि बिल्कुल आम सी बात है। लेकिन वो सबूत आम नहीं है जो दिखाते हैं अब तक के सबसे बड़े explosion के बारे में।
हालांकि ऐसा नहीं है ब्रह्माण्ड में होने वाला ये पहला explosion था। इससे पहले भी कई बार explosion हुए थे जो कि बहुत ज्यादा खतरनाक भी थे और भयानक भी, लेकिन ये अब तक देखे गए largest explosion की लिस्ट में टॉप पर आता है। इससे पहले ये रिकॉर्ड था Galaxy Cluster MS 0735+74 के पास ।
इस event के बारे में बात करने से पहले ये जान लीजिए कि इन Galaxy Cluster होता क्या? जब भी 50 या उससे ज्यादा Galaxies के ग्रुप को ढूंढ लिया जाता है तो उसे Galaxy Cluster का नाम दिया जाता है। यानी कि 50 से ज्यादा galaxies का समूह हुआ Galaxy Cluster।इस समूह में Galaxies एक दूसरे के साथ जुड़ी रहती हैं Gravitational bound के कारण।

अब वापस लौटते हैं explosion पर। Explosion Ophiuchus Galaxy Cluster । ये पिछले रिकॉर्ड धारक Galaxy Cluster MS 0735+74 से लगभग 5 गुना ज्यादा विशाल था। हमारी अर्थ पर जब भी explosion होता है, चाहे वो जमीन वाले volcano का हो या फिर समुद्र के volcano का। वो explosion होता है लगातार बनने वाले दबाव के कारण।
यही हुई था Ophiuchus Galaxy Cluster के black hole के साथ भी। इस black hole ने 100 मिलियन के समय में लगभग 300 solar mass का material निगलने के बाद हुआ था। अगर आप solar mass नहीं समझे तो इसे ऐसे समझिए कि यहां हम पृथ्वी पर चीजों को नापते हैं किलोग्राम में, पाउंड में, Astronomical objects को solar mass में नापा जाता है। एक solar mass लगभग 2 गुणा 10 की पावर 30 किलोग्राम ।

Solve करके निकालेंगे तो खरबों से भी ज्यादा किलोग्राम निकलेगा । Ophiuchus Galaxy Cluster का black hole इतनी सारी क्वांटिटी को लगभग 100 मिलियन सालों तक निगलता रहा और उसके बाद हुआ यह explosion।अब यहां एक question है। आप ये तो जानते हैं कि क्या होता है जब black hole चीजें निगलता है।
सभी चीजें जो कि ब्लैक होल के द्वारा निगली जाती हैं वो सीधा उसके सेन्टर के पास इकठ्ठा होता है। ऐसा होता है black hole की Gravitational power के कारण।
लेकिन explosion के समय क्या होता है? जब भी explosion होता है तब black hole के Centre में जो चीजें इकठ्ठा हुई थी वह erupt हो जाती हैं और बाहर की ओर फेंक दी जाती हैं। जैसा कि अर्थ पर volcano के साथ होता है।nExplosion के साथ ही बहुत सारी energy भी erupt हुई है जो कि अब gas के रूप में Ophiuchus Galaxy Cluster में मौजूद नहीं है और ना ही 300 solar mass में से किसी भी element का निशान मिलता है ।

ऐसा इसलिए क्योंकि explosion के समय throw करने की energy बहुत ज्यादा थी। इतनी ज्यादा थी कि वो सारा मैटर कहाँ गया ये अब तक पता नहीं चल पाया। Explosion कहाँ हुआ कैसे हुआ और किस तरह हुआ यह जानने के बाद अब second last question ये बचता है कि आखिर हमें पता कैसे चला कि वहां पर ऐसा कोई explosion हुआ था?
” जाहिर सी बात है पृथ्वी से 390 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित किसी Galaxy में अगर explosion होता है तो कैसा हुआ यह जान पाना इतना आसान तो है नहीं। दोस्तों इस explosion के बारे में पहली बार पता लगा था, 2016 में “
तब Nasa की Chandra एक्स-रे observatory ने Ophiuchus Galaxy Cluster में मौजूद galaxies की तस्वीरें खींची थी जो कि एक्सरे के फ़ॉर्म में थी।2016 में हुई इस स्टडी को लीड किया था Norbert Warner ने।Werner ने एक्सरे में देखा कि एक cavity की wall बनी है जो कि किसी blast से ही बन सकती है।
हालांकि उस वक्त यह पुख्ता नहीं हुआ कि यह किसी eruption के कारण ही हुआ था। बाद में नासा ने रेडियो information और यूरोप के XMM Newton Space telescope की मदद से यह जाना कि इस तरह का explosion हुआ था और details निकाली जो कि आपके सामने हैं ।